नयी दिल्ली : टीम इंडिया के ऑलराउंडर युसूफ पठान डोप टेस्ट में पकड़े गये हैं जिसके कारण उनपर पांच महीने का पूर्वप्रभावी निलंबन लगाया गया. लेकिन बड़ी बात है कि युसूफ पर लगा बैन पांच दिन के बाद ही यानी 14 जनवरी को समाप्त हो जायेगा. इसतरह बीसीसीआई ने अपने ऑलराउंडर खिलाड़ी के कैरियर को तबाह होने से बचा लिया है.
युसूफ पठान के लिए आज दिन मिला-जुला रहा. पहली खबर उनके लिए दुखद रहाख् लेकिन अगले ही पल उनको जो खबर मिली वो उनके लिए काफी राहत देने वाली थी. दरअसल युसूफ को बीसीसीआई ने बड़ी राहत देते हुए केवल पांच महीने का बैन लगाया और इस वजह से उनके आईपीएल में खेलने का रास्ता साफ हो गया है. यहां तक ही उसके बाद टीम इंडिया के लिए भी वो खेल सकेंगे.
युसूफ ने बीसीसीआई के लगाये गये बैन को जब गहरायी से पढ़ा तो उनकी आंखों में आंसू आ गये. युसूफ ने इसके लिए बीसीसीआई को पत्र लिखकर थैंक्स भी कहा है. इधर बीसीसीआई ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया है.उन्होंने एक बयान में कहा, भारत और बडौदा के लिये खेलना मेरे लिये प्रेरणा और फख्र की बात रहा है. मैं ऐसा कोई काम नहीं करुंगा कि अपनी मातृभूमि या बडौदा का नाम खराब हो. मुझे भविष्य में और सतर्कता बरतनी होगी और बीसीसीआई की डोपिंग निरोधक हेल्पलाइन से दवाइयों के बारे में सलाह लेनी होगी.
बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, युसूफ पठान पर डोपिंग उल्लंघन के कारण निलंबन लगाया गया. उन्होंने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन कर लिया जो आम तौर पर सर्दी खासी के सिरप में पाया जाता है. पठान ने पिछले साल 16 मार्च को एक घरेलू टी20 प्रतिस्पर्धा के बाद बीसीसीआई के डोपिंग निरोधक परीक्षण कार्यक्रम के तहत मूत्र का नमूना दिया था.
बोर्ड ने कहा, उनके नमूने की जांच की गई और उसमें टरबूटेलाइन के अंश मिले. यह वाडा के प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में आता है. भारत के लिये 57 वनडे और 22 टी20 मैच खेल चुके पठान पर बीसीसीआई के डोपिंग निरोधक नियमों की धारा 2.1 के तहत आरोप लगाया गया और आरोप के निर्धारण तक उन्हें अस्थायी रुप से निलंबित कर दिया गया था.
बीसीसीआई ने कहा, पठान ने आरोप को स्वीकार करते हुए बताया कि यह गलती से उस दवा को लेने के कारण हुआ है जिसमें टरबूटेलाइन मौजूद थी. उन्हें गलती से यह दवा दे दी गई जबकि उन्हें जो नुस्खा दिया गया था, उसमें कोई प्रतिबंधित दवा नहीं थी.
बीसीसीआई ने कहा कि वह पठान की सफाई से संतुष्ट है कि यह प्रदर्शन बेहतर करने वाली दवा नहीं थी बल्कि श्वसन संक्रमण के लिये ली गई थी. बीसीसीआई ने कहा कि पठान को पिछले साल 28 अक्तूबर को अस्थायी रुप से निलंबित किया गया था और बोर्ड ने तय किया है कि उसका निलंबन 15 अगस्त से प्रभावी होगा और इसकी अवधि 14 जनवरी 2018 तक रहेगी.
