ग्राउंड पर चोट लगने के बाद रमन लांबा ने कहा था-मैं तो मर गया, और ...

रमन लांबा यह नाम लेते ही हमारे जेहन में एक ऐसा क्रिकेटर आता है, जो काफी फिट था और जिसमें खेलने का जज्बा भी था, लेकिन साथ ही हमें यह याद भी आता है कि रमन लांबा वैसे खिलाड़ी थे, जिनकी मौत युवावस्था में मैदान पर गेंद लग जाने के कारण हुई थी. आज दो […]

रमन लांबा यह नाम लेते ही हमारे जेहन में एक ऐसा क्रिकेटर आता है, जो काफी फिट था और जिसमें खेलने का जज्बा भी था, लेकिन साथ ही हमें यह याद भी आता है कि रमन लांबा वैसे खिलाड़ी थे, जिनकी मौत युवावस्था में मैदान पर गेंद लग जाने के कारण हुई थी. आज दो जनवरी है और रमन लांबा का जन्मदिन है. रमन अगर जीवित होते तो 58 साल के होते. उनका निधन मात्र 38 वर्ष की उम्र में हो गया था.

लांबा बहुत क्रिकेट नहीं खेल पाये थे, उन्होंने अपने छोटे से कैरियर में चार टेस्ट,32 वनडे और 121 फर्स्टक्लास मैच खेले थे.

जिस वक्त रमन लांबा को चोट लगी थी, वह बांग्लादेश के क्लब क्रिकेट में खेल रहे थे और फारवर्ड शॉर्ट लेग पर फील्डिंग कर रहे थे. उनसे कहा गया था कि इस पोजिशन में फील्डिंग करते वक्त हेलमेट पहनना जरूरी है, पर रमन को लगा कि बस तीन गेंद की तो बात है और गेंदबाजी भी स्पिनर कर रहा है, उन्होंने हेलमेट नहीं पहना.

परिणाम यह हुआ कि गेंद रमन के सिर पर लगने के बाद विकेट कीपर के पास गयी. जब रमन ग्राउंड से बाहर जा रहे थे, तो उनकी जगह पर फील्डिंग करने के लिए आये मोहम्मद इस्लाम ने उनसे पूछा था-तुम ठीक हो ना, तो लांबा ने कहा था-मैं तो मर गया. उनकी यह बात शायद उनके जीवन की अंतिम पंक्तियां हो गयीं, क्योंकि उसके बाद अत्यधिक रक्तस्राव के कारण वह कोमा में चले गये और तीन दिन बाद उनकी मौत हो गयी.

उनकी आयरिश पत्नी किम इस हादसे से इतनी दुखी हुईं कि अपने बच्चों के साथ पुर्तगाल चली गयीं. किम और लांबा ने प्रेम विवाह किया था. उनका प्रेम पहली नजर का था, इस बात को उनकी पत्नी ने एक इंटरव्यू में स्वीकारा था.

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