जानें, टीम इंडिया की जीत की 5 बड़ी वजह

नयी दिल्ली : भारत ने श्रीलंका को तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में तीसरे ही दिन पारी और 171 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया. भारत ने विदेशी सरजमीं पर पहली बार तीन या इससे अधिक टेस्ट मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया है. इससे पहले भारत […]

नयी दिल्ली : भारत ने श्रीलंका को तीसरे और आखिरी टेस्ट मैच में तीसरे ही दिन पारी और 171 रन से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 3-0 से क्लीन स्वीप किया. भारत ने विदेशी सरजमीं पर पहली बार तीन या इससे अधिक टेस्ट मैचों की श्रृंखला में क्लीन स्वीप किया है. इससे पहले भारत ने विदेश में सिर्फ एक बार 1967-68 में न्यूजीलैंड की सरजमीं पर किसी श्रृंखला में तीन टेस्ट जीते थे.

भारत की जीत के कई वजह हैं, लेकिन आइये पांच बड़ी वजहों पर गौर करें.
1. रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी
टीम इंडिया को शिखर धवन और लोकेश राहुल के रूप में अच्‍छी ओपनिंग जोड़ी मिल गयी है. तीसरे और आखिरी टेस्‍ट मैच में भी धवन और राहुल की जोड़ी ने रंग जमाया और पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 188 रन की साझेदारी निभायी. धवन और राहुल ने 24 साल पुराना नवजोत सिंह सिद्धू और मनोज प्रभाकर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. धवन ने 123 गेंद पर 17 चौकों की मदद से 119 रन बनाये. वहीं लोकेश राहुल ने 135 गेंद पर 8 चौकों की मदद से 85 रन बनाये. सिद्धू और प्रभाकर ने 1993 में पहले विकेट के लिए 171 रन की साझेदारी निभायी थी.

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2. धवन की रिकॉर्ड तोड़ पारी
शिखर धवन ने श्रीलंका के खिलाफ पूरी श्रृंखला में रिकॉर्ड तोड़ पारी खेली. धवन ने सीरीज में कुल दो शतक जमाये और कई रिकॉर्ड भी अपने नाम किये. धवन मौजूदा टेस्‍ट श्रृंखला में दो शतक के साथ सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे. इसके अलावा धवन का श्रीलंका की सरजमीं पर तीसरा टेस्ट शतक भी पूरा किया. वह श्रीलंका की सरजमीं पर सबसे कम पारियों में तीन शतक बनाने के मामले में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर पहुंच गए. पहले नंबर पर सचिन तेंदुलकर और चेतेश्वर पुजारा हैं, जिन्होंने 5-5 पारियों में अपने 3 शतक पूरे किए.
3. हार्दिक पंड्या का तूफानी शतक
हार्दिक पंड्या ने अपने तीसरे ही टेस्‍ट मैच में कैरियर का पहला शतक जमाया और इतिहास भी रच डाला. श्रीलंका के खिलाफ पहली पारी में पंड्या ने तूफानी 96 गेंद पर 8 चौकों और 7 छक्‍कों की मदद से 108 रन बनाये. पंड्या ने अपनी पारी के दौरान एक ऐसा करनामा कर दिखाया जिसे 85 साल के टेस्‍ट कैरियर में आज तक किसी भी भारतीय क्रिकेटर ने नहीं किया.

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टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ से एक ओवर में सर्वाधिक रन बनाने का रिकार्ड पंड्या के नाम दर्ज हो गया है. पंड्या ने भारतीय पारी के 116वें ओवर में मालिंदा पुष्पकुमार की पहली दो गेंदों पर चौके और फिर अगली तीन गेंदों पर छक्के जड़े और इस तरह से इस ओवर में 26 रन बनाये जो भारत की तरफ से नया रिकार्ड है.
उन्होंने संदीप पाटिल और कपिल देव के रिकार्ड को तोड़ा जिन्होंने एक ओवर में 24 रन बनाये थे. पाटिल ने 1982 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के तेज गेंदबाज बाब विलिस के एक ओवर में छह चौके लगाये थे जबकि कपिल ने 1990 में लार्ड्स में एडी हैमिंग्स की आखिरी चार गेंदों पर चार छक्के जड़े थे.
4. अश्विन ने फिर जमाया रंग
आर अश्विन ने श्रीलंका के खिलाफ तीन टेस्‍ट मैच में 17 विकेट लिये. जिसमें उन्‍होंने एक बार पांच और एक बार चार विकेट अपने नाम किया. आखिरी टेस्‍ट मैच की दूसरी पारी में अश्विन ने अपनी फिरकी से श्रीलंकाई बल्‍लेबाजों को काफी परेशान किया और चार बल्‍लेबाजों को पवेलियन का रास्‍ता दिखाया. भारत की जीत में अश्विन की बड़ी भूमिका रही.

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5. चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव की घातक गेंदबाजी
चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने कप्‍तान विराट कोहली के भरोसे को जिंदा रखा और दोनों पारियों में पांच विकेट झटके. पहली पारी में यादव ने शानदार गेंदबाजी करते हुए श्रीलंका के चार गेंदबाजों को आउट किया. पहली पारी में कुलदीप यादव की घातक गेंदबाजी के कारण श्रीलंकाई टीम महज 135 रन पर ऑलआउट हो गयी थी.

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