Famous Cricket Brothers: क्रिकेट की दुनिया में कई ऐसी भाई जोड़ियां हैं, जिन्होंने एक-दूसरे को मैदान पर खेलते देखकर क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया. बड़े भाई की सफलता ने जहां छोटे भाई को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, वहीं कई मौकों पर छोटे भाई का प्रदर्शन भी बड़े भाई के लिए प्रेरणा बना. एक-दूसरे से सीखते हुए इन भाइयों ने न सिर्फ क्रिकेट का सफर साथ तय किया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान भी बनाई.
किसी भाई ने बल्लेबाजी में नाम कमाया तो किसी ने गेंदबाजी में. वहीं कुछ भाई तो ऐसे हैं, जो जुड़वां हैं और देखने में इतने एक जैसे हैं कि मैदान पर पहली नजर में उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो जाता है. आइए जानते हैं क्रिकेट की कुछ ऐसी ही खास भाई जोड़ियों के बारे में.
क्यूरन ब्रदर्स: तीन भाई, दो देशों की जर्सी
क्रिकेट में भाइयों की बात हो और केविन क्यूरन परिवार का जिक्र न हो, ऐसा हो नहीं सकता. केविन क्यूरन के बेटे टॉम क्यूरन, सैम क्यूरन और बेन क्यूरन तीनों ने प्रोफेशनल क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई है. हालांकि, तीनों भाइयों का जन्म एक ही देश में नहीं हुआ. सैम और बेन का जन्म नॉर्थम्प्टन, इंग्लैंड में हुआ, जबकि टॉम का जन्म केपटाउन, दक्षिण अफ्रीका में हुआ. आगे चलकर तीनों भाइयों ने अलग-अलग रास्ते चुने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में दो देशों का प्रतिनिधित्व किया.
| खिलाड़ी | टीम | टेस्ट | वनडे | टी20 इंटरनेशनल |
| सैम क्यूरन | इंग्लैंड | 24 मैच, 815 रन, 47 विकेट | 44 मैच, 668 रन, 43 विकेट | 80 मैच, 744 रन, 73 विकेट |
| टॉम क्यूरन | इंग्लैंड | 2 मैच, 66 रन, 2 विकेट | 28 मैच, 303 रन, 34 विकेट | 30 मैच, 64 रन, 29 विकेट |
| बेन क्यूरन | जिम्बाब्वे | 9 मैच, 537 रन, 0 विकेट | 11 मैच, 471 रन, 0 विकेट | 7 मैच, 102 रन, 0 विकेट |
टॉम और सैम ने इंग्लैंड के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला, जबकि बेन ने अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए जिम्बाब्वे का रुख किया. बेन ने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद जिम्बाब्वे की टीम में जगह बनाई और 2024 में अफगानिस्तान के खिलाफ अपना अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया. वह जिम्बाब्वे के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल तीनों फॉर्मेट खेल चुके हैं.
सैम क्यूरन तीनों भाइयों में सबसे ज्यादा पहचाने जाने वाले नामों में शामिल हैं. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज और उपयोगी निचले क्रम के बल्लेबाज सैम ने इंग्लैंड के लिए तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला है. वहीं टॉम क्यूरन भी इंग्लैंड के लिए तीनों फॉर्मेट में खेल चुके हैं और मुख्य रूप से सीम गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं. दूसरी तरफ बेन क्यूरन मुख्य रूप से बल्लेबाज हैं और जिम्बाब्वे के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी जगह बना चुके हैं.
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ओवरटन ट्विन्स: शक्ल एक जैसी, अंदाज अलग
अब बात उन भाइयों की, जिन्हें देखकर क्रिकेट फैंस भी कभी-कभी कन्फ्यूज हो सकते हैं. क्रेग ओवरटन और जेमी ओवरटन जुड़वां भाई हैं और दोनों के बीच उम्र का अंतर सिर्फ तीन मिनट का है. क्रेग बड़े हैं, जबकि जेमी उनसे तीन मिनट छोटे हैं. दोनों ने डेवोन के नॉर्थ डेवोन क्लब से क्रिकेट की शुरुआत की और आगे चलकर समरसेट के रास्ते प्रोफेशनल क्रिकेट तक पहुंचे.
| खिलाड़ी | टीम | टेस्ट | वनडे | टी20 इंटरनेशनल |
| क्रेग ओवरटन | इंग्लैंड | 8 मैच, 182 रन, 21 विकेट | 7 मैच, 68 रन, 5 विकेट | — |
| जेमी ओवरटन | इंग्लैंड | 2 मैच, 106 रन, 4 विकेट | 13 मैच, 272 रन, 14 विकेट | 24 मैच, 88 रन, 26 विकेट |
दोनों तेज गेंदबाज हैं, लेकिन उनकी क्रिकेटिंग शैली में थोड़ा अंतर है. जेमी को ज्यादा तेज गेंदबाज माना जाता है, जबकि क्रेग अपनी लाइन-लेंथ और consistency के लिए जाने जाते हैं. क्रेग ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट और वनडे क्रिकेट खेला है, जबकि जेमी ने इंग्लैंड के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल तीनों फॉर्मेट में प्रतिनिधित्व किया है. सोचिए, एक ही मैदान पर दो खिलाड़ी बिल्कुल एक जैसे दिखें और दोनों तेज गेंदबाज हों-लेकिन एक दूसरे से सिर्फ तीन मिनट बड़े हों. ओवरटन ट्विन्स की यही खासियत उन्हें क्रिकेट की दिलचस्प भाई जोड़ियों में शामिल करती है.
चहर ब्रदर्स नहीं, हैं कजिन्स; दोनों ने बनाई पहचान
नाम भले ही भाई जैसा लगता हो, लेकिन दीपक चहर और राहुल चहर सगे भाई नहीं, बल्कि कजिन्स हैं. दोनों के पिता आपस में भाई हैं और दोनों ने बचपन में साथ क्रिकेट सीखा. दिलचस्प बात यह है कि राहुल ने शुरुआत में अपने बड़े कजिन दीपक की तरह तेज गेंदबाज बनने की कोशिश की थी. बाद में उनकी स्पिन गेंदबाजी की क्षमता पहचानी गई और वह लेग-स्पिनर बन गए. दोनों को दीपक के पिता लोकेन्द्र सिंह चहर ने शुरुआती प्रशिक्षण दिया.
| खिलाड़ी | टीम | टेस्ट | वनडे | टी20 इंटरनेशनल |
| दीपक चहर | भारत | — | 13 मैच, 203 रन, 16 विकेट | 25 मैच, 53 रन, 31 विकेट |
| राहुल चहर | भारत | — | 1 मैच, 13 रन, 3 विकेट | 6 मैच, 5 रन, 7 विकेट |
दीपक ने भारत के लिए वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है, जबकि राहुल ने भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है. दोनों की गेंदबाजी शैली एक-दूसरे से बिल्कुल अलग है. दीपक स्विंग और सीम गेंदबाजी के लिए जाने जाते हैं, जबकि राहुल ने लेग-स्पिन को अपना प्रमुख हथियार बनाया.
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पंड्या ब्रदर्स: दो भाई, दो अलग तरह के ऑलराउंडर
हार्दिक पंड्या और क्रुणाल पंड्या की कहानी भारत की चर्चित क्रिकेटिंग भाई जोड़ियों में शामिल है. दोनों का बचपन गुजरात में बीता. बेहतर क्रिकेट सुविधाओं के लिए उनका परिवार वडोदरा शिफ्ट हुआ और दोनों ने किरण मोरे की अकादमी में ट्रेनिंग की. हार्दिक शुरुआत में अपने बड़े भाई क्रुणाल के साथ मैदान पर जाते थे, लेकिन धीरे-धीरे क्रिकेट उनके जीवन का सबसे बड़ा हिस्सा बन गया.
| खिलाड़ी | टीम | टेस्ट | वनडे | टी20 इंटरनेशनल |
| हार्दिक पंड्या | भारत | 11 मैच, 528 रन, 17 विकेट | 94 मैच, 3231 रन, 91 विकेट | 138 मैच, 3093 रन, 114 विकेट |
| क्रुणाल पंड्या | भारत | — | 5 मैच, 130 रन, 2 विकेट | 19 मैच, 124 रन, 15 विकेट |
हार्दिक ने भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में क्रिकेट खेला है. वह दाएं हाथ के तेज गेंदबाजी ऑलराउंडर हैं और अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ तेज गेंदबाजी के लिए भी जाने जाते हैं. वहीं क्रुणाल बाएं हाथ के बल्लेबाज और स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज हैं. उन्होंने भारत के लिए वनडे और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट खेला है.
जेनसन ट्विन्स: कद भी एक, गेंदबाज भी खतरनाक
अब आते हैं दक्षिण अफ्रीका के उन जुड़वां भाइयों पर जिनकी पहचान सिर्फ उनके खेल से नहीं, बल्कि उनकी कद-काठी से भी होती है-मार्को जेनसन और डुआन जेनसन. दोनों का जन्म 1 मई 2000 को दक्षिण अफ्रीका के क्लर्क्सडॉर्प में हुआ. मार्को करीब 6 फीट 8 इंच लंबे लेफ्ट-आर्म फास्ट बॉलिंग ऑलराउंडर हैं, जबकि उनके ट्विन भाई डुआन भी करीब 6 फीट 8 इंच लंबे लेफ्ट-आर्म फास्ट बॉलर हैं.
| खिलाड़ी | टीम | टेस्ट | वनडे | टी20 इंटरनेशनल |
| मार्को जेनसन | दक्षिण अफ्रीका | 21 मैच, 624 रन, 89 विकेट | 32 मैच, 553 रन, 49 विकेट | 30 मैच, 268 रन, 33 विकेट |
| डुआन जेनसन | दक्षिण अफ्रीका | — | — | 3 मैच, 28 रन, 8 विकेट |
मार्को ने कम समय में दक्षिण अफ्रीका की टेस्ट टीम में अपनी मजबूत जगह बनाई है. वह गेंद और बल्ले दोनों से टीम के लिए योगदान देते हैं. वहीं डुआन ने 2026 में दक्षिण अफ्रीका के लिए टी20 इंटरनेशनल डेब्यू किया और शुरुआती मुकाबलों में प्रभाव छोड़ा. 1 सितंबर 2026 तक वह 3 टी20 इंटरनेशनल में 8 विकेट ले चुके हैं. नामीबिया के खिलाफ डेब्यू मैच में उन्होंने 2 विकेट लिए, जबकि जिम्बाब्वे के खिलाफ अगले मुकाबले में 3 विकेट हासिल किए.
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