सीएम धामी से ताइक्वांडो छात्रा ने मांगी थी डेढ़ लाख की मदद, अब सामने आया पूरे मामले का सच

ताइक्वांडो छात्रा के सीएम धामी से मदद मांगने का मामला सुलझ गया. निजी संस्था के खर्च, मदद और पूरे मामले को लेकर फैले भ्रम की सच्चाई भी सामने आ गई.

Pushkar Singh Dhami Taekwondo controversy: युवा संवाद कार्यक्रम में CNI गर्ल्स स्कूल की एक छात्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से ताइक्वांडो की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में जाने के लिए करीब डेढ़ लाख रुपये की मदद की बात कही थी. इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ बातें कही जा रही थीं. अब साफ किया गया है कि किसी सरकारी अधिकारी ने छात्रा से रिश्वत नहीं मांगी थी. असल में, छात्रा ताइक्वांडो काउंसिल ऑफ इंडिया नाम की एक निजी संस्था से प्रशिक्षण ले रही थी. इसी संस्था के जरिए उसका एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ था. प्रतियोगिता में जाने के लिए यात्रा सहित कुल खर्च करीब 3.70 लाख रुपये बताया गया था. इसलिए यह मामला सरकारी अधिकारी द्वारा रिश्वत मांगने का नहीं, बल्कि निजी संस्था के जरिए प्रतियोगिता में जाने के खर्च से जुड़ा था.

निजी संस्था ने 1.70 लाख रुपये वहन करने की कही थी बात

बताया गया कि संबंधित निजी संस्था की ओर से छात्रा को आर्थिक सहयोग देने की बात कही गई थी. संस्था द्वारा करीब 1.70 लाख रुपये स्वयं वहन करने का आश्वासन दिया गया था. वहीं, शेष करीब 1.50 से 1.60 लाख रुपये की व्यवस्था प्रतिभागी को अपने स्तर से करनी थी. ऐसे में यह मामला किसी सरकारी योजना, सरकारी चयन प्रक्रिया अथवा किसी सरकारी अधिकारी द्वारा पैसे मांगने से संबंधित नहीं था. पूरा विषय निजी संस्था के माध्यम से निजी स्तर पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने के लिए आवश्यक धनराशि की व्यवस्था से जुड़ा था.

कम समय में पूरी बात न रख पाने से पैदा हुआ भ्रम

युवा संवाद के दौरान छात्रा को अपनी पूरी बात विस्तार से रखने के लिए सीमित समय मिला. ऐसे में उसके द्वारा रखी गई बात का पूरा संदर्भ सामने नहीं आ सका, जिसके चलते मामले को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हुई. वहीं, इस अधूरी जानकारी के आधार पर कुछ राजनीतिक लोगों द्वारा मामले को कथित तौर पर ‘रिश्वत मांगने’ से जोड़कर प्रस्तुत किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं. स्थिति स्पष्ट करने वालों का कहना है कि छात्रा की चिंता और उसकी प्रतिभा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए, लेकिन निजी प्रतियोगिता के खर्च से जुड़े विषय को गलत तथ्यों के साथ राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है.

तथ्यों के साथ बात रखने की अपील

मामले में जोर दिया जा रहा है कि छात्रा ने अपनी खेल प्रतिभा के आधार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन हासिल किया था और उसकी आर्थिक चिंता स्वाभाविक थी. ऐसे में उसके भविष्य और प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता से विषय को देखा जाना चाहिए. साथ ही, किसी भी आरोप या राजनीतिक बयान से पहले पूरे तथ्य और मामले का संदर्भ सामने रखना जरूरी है.

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By ऋतु राज

ऋतुराज प्रभात खबर डिजिटल में स्पोर्ट्स कंटेंट राइटर हैं. लीची की नगरी मुजफ्फरपुर (बिहार) से ताल्लुक रखने वाले ऋतुराज के पास डिजिटल खेल पत्रकारिता में 1 साल का गहरा अनुभव है. उन्होंने एशिया के प्रतिष्ठित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU) से साल 2025 में मीडिया रिसर्च में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. खेल की हर छोटी-बड़ी और वायरल होती खबरों पर पैनी नजर रखना उनकी खासियत है. उनका मुख्य लक्ष्य प्रभात खबर के पाठकों तक खेल जगत की हर सटीक और विश्लेषण से भरी खबर सबसे पहले पहुंचाना है. पढ़ने और क्रिकेट खेलने के शौकीन ऋतुराज खेल को सिर्फ कवर नहीं करते, बल्कि उसकी बारीकियों को जीते हैं.

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