पश्चिम बंगाल के पूर्व खेल मंत्री अरूप बिस्वास को कलकत्ता हाई कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने स्टार फुटबॉलर खिलाड़ी लियोनेल मेसी के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था से जुड़े मामले में उन्हें गिरफ्तारी या किसी भी तरह की सजा देने वाली कार्रवाई से मिली सुरक्षा को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया है. यह मामला पिछले साल 13 दिसंबर को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में हुए लियोनेल मेसी के कार्यक्रम से जुड़ा है.
पुलिस ने कोर्ट में सौंपी दो रिपोर्ट
मंगलवार को सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल के महाधिवक्ता सुरोजित नाथ मित्रा ने अदालत में दो रिपोर्ट पेश की. इनमें से एक रिपोर्ट राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) और दूसरी विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के आयुक्त की थी. दोनों रिपोर्ट में मामले की जांच से जुड़ी जानकारी दी गई थी.
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अरूप बिस्वास ने कोर्ट से की है खास मांग
रिपोर्ट देखने के बाद जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने अरूप बिस्वास को मिली अंतरिम सुरक्षा को 30 नवंबर तक बढ़ा दिया. इसका मतलब है कि इस अवधि में पुलिस उनके खिलाफ इस मामले में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं कर सकेगी. अरूप बिस्वास ने अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को खत्म करने की मांग करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी. इससे पहले 10 जून को हाई कोर्ट ने अरूप बिस्वास को इस मामले में किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दी थी. अब कोर्ट ने इस राहत की अवधि को आगे बढ़ा दिया है.
कार्यक्रम के आयोजक ने दर्ज कराया था मामला
मेसी के कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था को लेकर कार्यक्रम का आयोजन करने वाली कंपनी के मालिक सताद्रु दत्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी. इसी शिकायत के आधार पर अरूप बिस्वास के खिलाफ मामला सामने आया और बाद में उन्होंने हाई कोर्ट का रुख किया.
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