हैदराबाद को लग सकता है बड़ा झटका, आईपीएल 2027 के लिए पैट कमिंस के पास समय नहीं

Pat Cummins : IPL 2026 के सदमे से अभी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम उबर भी नहीं पाई थी कि उसके सामने दूसरी बुरी खबर आ गई है. उसके कप्तान पैट कमिंस ने ऐसे संकेत दिए हैं कि संभवत: वे 2027 के आईपीएल का हिस्सा नहीं होंगे.

Pat Cummins : इंडियन प्रीमियर लीग के फैंस और खासकर सनराइजर्स हैदराबाद के लिए एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है. कमिंस ने सालभर पहले ही इस बड़े फैसले के पीछे की असली वजह का खुलासा कर दिया है.

टीम के कप्तान और ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज तेज गेंदबाज पैट कमिंस ने संकेत दिए हैं कि वे शायद आईपीएल 2027 का हिस्सा नहीं होंगे. सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड अखबार से बातचीत के दौरान कमिंस ने साफ किया कि लगातार हो रही चोटों और ऑस्ट्रेलिया के बेहद व्यस्त इंटरनेशनल शेड्यूल के कारण उन्हें आईपीएल से दूरी बनानी पड़ सकती है.

आईपीएल 2026 में भी देर से किया था ज्वाइन

पैट कमिंस अपनी फिटनेस की समस्या के चलते आईपीएल 2026 के भी सभी मैच नहीं खेल पाए थे. वे टूर्नामेंट के बीच में टीम के साथ जुड़े थे. उनकी गैर-मौजूदगी में इशान किशन ने कुछ मैचों के लिए सनराइजर्स हैदराबाद की कप्तानी की थी. हैदराबाद ने आईपीएल 2026 में प्लेऑफ तक का सफर तय किया था. इससे पहले 2024 में कमिंस हैदराबाद को फाइनल तक ले गए थे.

देश के लिए खेलना पहली प्राथमिकता पैट कमिंस

पैट कमिंस ने कहा है देश के लिए खेलने को प्राथमिकता देनी है, तो मुझे कुछ तो छोड़ना ही पड़ेगा. यह टेस्ट मैच या वनडे वर्ल्ड कप तो बिल्कुल नहीं होने वाले. उन्होंने कहा कि वह आईपीएल के बारे में फैसला फ्रेंचाइजी से बात करके लेंगे. अगर मैं भारत में खेलता हूं, तो मुझे एशेज सीरीज से पहले जो जरूरी आराम चाहिए, वो नहीं मिल पाएगा.

ऑस्ट्रेलिया का बिजी शेड्यूल बना वजह

अगले 12 महीनों में ऑस्ट्रेलियाई टीम का शेड्यूल सांस लेने का मौका भी नहीं देने वाला है. ऑस्ट्रेलिया को आने वाले दिनों में भारत, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ कुल 21 टेस्ट मैच खेलने हैं. मार्च 2027 में मेलबर्न में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट की 150वीं सालगिरह पर एक ऐतिहासिक टेस्ट होना है, जो आईपीएल के दौरान ही प्रस्तावित है. फिर जून में एशेज सीरीज खेली जाएगी, ऑस्ट्रेलिया ने साल 2001 के बाद से इंग्लैंड की धरती पर एशेज सीरीज नहीं जीती है, इसलिए कमिंस वहां पूरी तरह फिट होकर कप्तानी करना चाहते हैं. साल 2027 के आखिरी महीनों में साउथ अफ्रीका में वनडे वर्ल्ड कप होना है, जहां ऑस्ट्रेलिया बतौर डिफेंडिंग चैंपियन मैदान पर उतरेगा. यही कारण है कि कमिंस, मिचेल स्टार्क और जॉश हेजलवुड जैसे सीनियर गेंदबाजों को बीच-बीच में ब्रेक दिया जा सकता है. ये तीनों खिलाड़ी अभी चोटों के शिकार रहे है, इस वजह से आईपीएल 2026 के सभी मैच में उपलब्ध नहीं थे.

इनपुट : अरकम अब्दुल मन्नान

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Published by: Rajneesh Anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.

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