Asian Games 2026: भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है. जापान में चल रहे एशियन गेम्स में सोमवार को इंडोनेशिया के खिलाफ मैच के दौरान सविता भारत की महिला हॉकी इतिहास में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली खिलाड़ी बन गईं. उन्होंने पूर्व भारतीय स्ट्राइकर वंदना कटारिया का 320 सीनियर इंटरनेशनल मैचों का रिकॉर्ड तोड़ दिया.
सविता ने यह उपलब्धि भारत के पूल बी मुकाबले के दौरान हासिल की. वंदना कटारिया के 320 मैचों के रिकॉर्ड की बराबरी उन्होंने 20 सितंबर को उज्बेकिस्तान के खिलाफ भारत की 19-0 की जीत में की थी. इसके बाद सोमवार को मैदान पर उतरते ही उन्होंने नया रिकॉर्ड बना दिया.
2009 में शुरू हुआ था सफर
36 वर्षीय सविता पूनिया ने साल 2009 में सीनियर भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया था. इसके बाद करीब डेढ़ दशक से ज्यादा समय तक वह भारतीय महिला हॉकी टीम का अहम हिस्सा बनी रहीं. अपने शानदार गोलकीपिंग प्रदर्शन के कारण उन्हें हॉकी जगत में 'द वॉल ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है. खासकर पेनल्टी शूटआउट में उनके धैर्य और शानदार बचाव ने भारत को कई अहम मुकाबलों में फायदा पहुंचाया है. सविता तीन ओलंपिक गेम्स, दो एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियन चैंपियंस ट्रॉफी और FIH प्रो लीग जैसे बड़े टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं.
300 मैच पूरे करने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी
सविता ने फरवरी 2025 में नीदरलैंड्स के खिलाफ FIH हॉकी प्रो लीग मुकाबले में अपने 300 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे किए थे.
वह वंदना कटारिया के बाद 300 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाली दूसरी भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं. वहीं पुरुष हॉकी में पीआर श्रीजेश के बाद सविता 300 इंटरनेशनल मैच पूरे करने वाली दूसरी भारतीय गोलकीपर भी बनी थीं. अब 320 मैचों का रिकॉर्ड तोड़कर उन्होंने भारतीय महिला हॉकी में एक नया आंकड़ा स्थापित कर दिया है.
| वर्ष | उपलब्धि |
| 2018 | अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित |
| 2020 | FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार |
| 2020 | टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम का हिस्सा |
| 2021 | FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार |
| 2022 | बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय टीम की कप्तान |
| 2022 | भारत को पहली FIH Nations Cup ट्रॉफी दिलाने वाली टीम की कप्तान |
| 2023 | तीसरी बार FIH गोलकीपर ऑफ द ईयर का पुरस्कार |
| 2025 | पद्म श्री से सम्मानित |
| 2026 | FIH हॉकी विश्व कप में पांचवें स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम का हिस्सा |
वंदना कटारिया का रिकॉर्ड तोड़कर भावुक हुईं सविता
रिकॉर्ड बनाने के बाद सविता ने अपने परिवार, कोच और साथियों को इस उपलब्धि का श्रेय दिया. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने हॉकी खेलना शुरू किया था, तब उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह भारतीय महिला हॉकी में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनेंगी.
सविता ने कहा कि यह रिकॉर्ड सिर्फ उनका नहीं है, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके सफर में साथ दिया. उन्होंने वंदना कटारिया का भी विशेष रूप से जिक्र किया, जिन्होंने यह रिकॉर्ड बनाया था और बाकी खिलाड़ियों के लिए एक मानक तय किया.
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वंदना ने 320 मैच और 158 गोल किए
सविता ने जिस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है, वह वंदना कटारिया के नाम था. वंदना ने भी 2009 में ही अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था. अप्रैल 2025 में संन्यास लेने वाली वंदना ने भारत के लिए 320 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 158 गोल किए. वह भारतीय महिला हॉकी की सर्वाधिक गोल करने वाली खिलाड़ी हैं.
हॉकी इंडिया ने सविता को दी बधाई
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने सविता की उपलब्धि को दो दशक की मेहनत और अनुशासन का नतीजा बताया. उन्होंने कहा कि सविता लंबे समय से भारतीय महिला हॉकी टीम की मजबूत कड़ी रही हैं और यह उपलब्धि पूरी तरह उनकी मेहनत के अनुरूप है.
हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने भी सविता को बधाई देते हुए कहा कि उनकी यात्रा भारत की जर्सी पहनने का सपना देखने वाले हर युवा गोलकीपर के लिए प्रेरणा है. सविता के इस खास मुकाम पर हॉकी इंडिया ने उन्हें 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की.
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