Vaibhav Sooryavanshi: 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी के फाइनल में एक बार फिर अपनी क्रिकेटिंग समझ से सभी को प्रभावित किया. बल्ले से बड़े शॉट लगाने वाले इस युवा बल्लेबाज ने साउथ जोन के खिलाफ मुकाबले में अपनी सूझबूझ का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसने टीम को अहम विकेट दिला दिया. वैभव ने कप्तान ईशान किशन को DRS लेने की सलाह दी और रिव्यू में फैसला ईस्ट जोन के पक्ष में गया. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अंपायर ने नकारा फैसला, वैभव ने DRS लेने की दी सलाह
चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी फाइनल में ईस्ट जोन ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में साउथ जोन की शुरुआत अच्छी नहीं रही. साउथ जोन की पारी के छठे ओवर में मुकेश कुमार गेंदबाजी कर रहे थे और रिकी भुई स्ट्राइक पर थे. गेंद लेग स्टंप के बाहर की ओर गई. भुई ने उसे खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर कुमार कुशाग्र के दस्तानों में चली गई.
मुकेश कुमार और विकेटकीपर कुशाग्र ने जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने बल्लेबाज को नॉट आउट दे दिया. ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन भी रिव्यू को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं थे. इसी दौरान वैभव सूर्यवंशी ने ईशान किशन को DRS लेने की सलाह दी. कप्तान ने अपने युवा खिलाड़ी की बात पर भरोसा किया और अंपायर के फैसले को चुनौती दे दी.
रिप्ले में मिला बल्ले का किनारा, आउट हुए रिकी
DRS में रिप्ले देखने के बाद साफ हुआ कि गेंद ने बल्ले का किनारा लिया था और उसके बाद विकेटकीपर के दस्तानों में गई थी. स्नीकोमीटर ने भी गेंद और बल्ले के संपर्क की पुष्टि कर दी. इसके बाद मैदानी अंपायर को अपना फैसला बदलना पड़ा और रिकी भुई को आउट करार दिया गया.
विकेट मिलते ही ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने जश्न मनाया. मुकेश कुमार ने भी दोनों हाथ उठाकर विकेट का जश्न मनाया. इस विकेट में वैभव सूर्यवंशी की भूमिका इसलिए खास रही, क्योंकि उन्होंने सही समय पर कप्तान को रिव्यू लेने का भरोसा दिया था.
पहले भी दिखा चुके हैं अपनी क्रिकेटिंग समझ
वैभव का DRS को लेकर सही फैसला पहली बार देखने को नहीं मिला है. इससे पहले दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ भी उन्होंने रिव्यू से जुड़े फैसले में अहम भूमिका निभाई थी. महज 15 साल की उम्र में वैभव का खेल को इस तरह पढ़ना खास ध्यान खींचता है. वह सिर्फ गेंदबाजों के खिलाफ बड़े शॉट खेलने पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि मैदान पर होने वाली घटनाओं और छोटे-छोटे संकेतों पर भी नजर रखते हैं.
ये भी पढ़ें: Kumar Kushagra Celebration: दलीप ट्रॉफी फाइनल में कुशाग्र का शतक, खास अंदाज में मनाया सेंचुरी का जश्न; VIDEO वायरल
बल्ले से भी कर चुके हैं शानदार प्रदर्शन
दलीप ट्रॉफी में वैभव सूर्यवंशी बल्ले से भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं. ईस्ट जोन के लिए फाइनल की पहली पारी में उन्होंने 44 रन बनाए. इससे पहले सेमीफाइनल में सेंट्रल जोन के खिलाफ उन्होंने 92 और 40 रन की पारियां खेली थीं.
टी20 क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचान बना चुके वैभव अब रेड बॉल क्रिकेट में भी अपनी क्षमता दिखा रहे हैं. दलीप ट्रॉफी जैसे बड़े घरेलू टूर्नामेंट में खेलने से उन्हें लंबे प्रारूप में खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण मौका मिला है.
708 रन के जवाब में साउथ जोन की हालत खराब
ईस्ट जोन ने कप्तान ईशान किशन की 270 रन की शानदार पारी की बदौलत पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. इसके जवाब में साउथ जोन की टीम दबाव में नजर आई. तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक साउथ जोन ने 242 रन पर छह विकेट गंवा दिए थे. तिलक वर्मा 53 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे, लेकिन टीम अभी भी ईस्ट जोन के पहली पारी के स्कोर से काफी पीछे थी.
वैभव सूर्यवंशी की कहानी इस फाइनल में सिर्फ 44 रन की पारी तक सीमित नहीं रही. पहले बल्ले से योगदान और फिर सही समय पर DRS लेने की सलाह देकर उन्होंने दिखाया कि 15 साल की उम्र में उनकी क्रिकेटिंग समझ भी लगातार निखर रही है.
ये भी पढ़ें: 28 साल बाद फिर एक दिन में दो देशों में उतरेंगी भारत की दो टीमें? फैंस को मिलेगा डबल क्रिकेट का रोमांच
