Sawan Naag Panchami: साल 2026 में सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी एक ही दिन 17 अगस्त 2026 को पड़ने से एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ महासंयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है, जबकि नाग पंचमी के दिन नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है. जब ये दोनों पावन अवसर एक साथ आते हैं, तो शिवभक्तों के लिए महादेव और नाग देवता दोनों का आशीर्वाद प्राप्त करने का यह विशेष अवसर माना जाता है. ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष है, राहु-केतु की महादशा चल रही है या जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हैं, उनके लिए इस दिन किए गए विशेष धार्मिक उपाय लाभकारी माने जाते हैं.
नाग पंचमी पर करें ये उपाय
- चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा: चांदी या तांबे से निर्मित नाग-नागिन के जोड़े का पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक करें. इसके बाद इसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित करें या मंदिर में शिवलिंग पर अर्पित करें.
- जल में काले तिल मिलाकर अभिषेक: शिवलिंग पर तांबे या पीतल के लोटे से जल चढ़ाते समय उसमें थोड़े काले तिल मिला लें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करने से राहु और केतु के अशुभ प्रभावों को शांत करने में मदद मिलती है.
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप: कालसर्प दोष से राहत के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप शुभ माना जाता है. इस दिन कम से कम 108 बार महामृत्युंजय मंत्र या नाग गायत्री मंत्र का जाप करें.
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17 अगस्त 2026 के शुभ मुहूर्त
| मुहूर्त | समय |
| ब्रह्म मुहूर्त | सुबह 05:28 से 06:07 बजे तक |
| अभिजित मुहूर्त | दोपहर 01:26 से 02:23 बजे तक |
| अमृत काल | शाम 06:46 से रात 08:27 बजे तक |
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