Sawan 2025 माह के दौरान भूलकर भी न करें यह काम, बनते है बर्बादी का कारण

Sawan 2025 : सावन में यदि उपरोक्त कार्यों से बचा जाए और शिव भक्ति में मन लगाया जाए, तो भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति अवश्य प्राप्त होती है.

Sawan 2025 : हिंदू पंचांग के अनुसार सावन मास को भगवान शिव का प्रिय महीना माना गया है. यह महीना भक्ति, तपस्या और शिव उपासना के लिए अत्यंत पावन होता है. इस मास में विशेषकर सोमवार को व्रत, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और मंत्र जाप करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को कृपा प्रदान करते हैं. लेकिन धार्मिक ग्रंथों और शास्त्रों में यह भी बताया गया है कि सावन के महीने में कुछ कार्य ऐसे हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए..ये कार्य शिव अपमान का कारण बनते हैं और व्यक्ति के जीवन में दरिद्रता, अशांति और बाधाओं को आमंत्रित करते हैं :-

– नशा और मांसाहार से परहेज करें

सावन मास में शराब, मांस, मछली, अंडा आदि का सेवन करना अत्यंत पापपूर्ण माना गया है. यह महीना सात्विक जीवनशैली अपनाने का है. मांसाहार शिव की आराधना में रुकावट डालता है और व्यक्ति के जीवन में रोग, क्रोध और मानसिक अशांति का कारण बनता है. इस माह में पूर्ण ब्रह्मचर्य और संयम का पालन करना चाहिए.

– सोमवार को बाल कटवाना और शेविंग न करें

सोमवार भगवान शिव का विशेष दिन होता है. इस दिन बाल कटवाना या दाढ़ी बनवाना शास्त्रों के अनुसार अशुभ होता है. इससे आयु में कमी, मानसिक तनाव और आर्थिक हानि का भय रहता है. सावन के पूरे माह में खासकर सोमवार को ये कार्य वर्जित माने गए हैं.

– तामसिक भोजन और प्याज-लहसुन का त्याग करें

सावन में सात्विक आहार का विशेष महत्व है। प्याज, लहसुन और तामसिक भोजन शरीर में तमोगुण बढ़ाते हैं, जिससे मन में चंचलता, क्रोध और आलस्य आता है. इससे साधना और भक्ति में विघ्न पड़ता है. इसलिए भक्तों को शुद्ध और सात्विक भोजन ही करना चाहिए.

– पेड़-पौधों को काटना या हानि पहुंचाना वर्जित है

सावन हरियाली और प्रकृति की पूजा का महीना है. इस मास में वृक्षों की छंटाई, पेड़ों की कटाई, या वनस्पति को नुकसान पहुंचाना पाप माना गया है.
प्रकृति के साथ प्रेम और सामंजस्य बनाए रखना शिवभक्ति का ही एक रूप है.

– झूठ बोलना और किसी का अपमान न करें

इस माह में झूठ बोलना, कटु वचन कहना या किसी का अनादर करना बहुत ही निंदनीय कर्म होता है. यह शिवतत्व के विरुद्ध है, क्योंकि शिव करुणा, क्षमा और प्रेम के प्रतीक हैं. जो व्यक्ति दूसरों को दुःख देता है, वह शिव कृपा से वंचित हो जाता है.

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सावन 2025 में यदि उपरोक्त कार्यों से बचा जाए और शिव भक्ति में मन लगाया जाए, तो भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति अवश्य प्राप्त होती है. यह महीना साधना, संयम और आत्मिक शुद्धि का समय है – इसे व्यर्थ न जाने दें.

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लेखक के बारे में

Author: Ashi Goyal

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