Roti Banane Ke Niyam: महिलाओं को रोटी बनाते समय नहीं करनी चाहिए ये गलतियां, घर में बढ़ सकती है नकारात्मकता

Roti Banane Ke Niyam: रोटी बनाना केवल खाना बनाने का कार्य नहीं, बल्कि घर में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने का पवित्र कर्म माना गया है. वास्तु और सनातन मान्यताओं के अनुसार, सफाई, ताजगी और कुछ नियमों का पालन करना मां अन्नपूर्णा और लक्ष्मी की कृपा बनाए रखने के लिए आवश्यक है.

By Shaurya Punj | January 2, 2026 11:00 AM

Roti Banane Ke Niyam:  सनातन धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है.  कहा जाता है कि जहां अन्न बनता है, वहीं से घर की सुख-समृद्धि और शांति की शुरुआत होती है.  विशेष रूप से महिलाओं द्वारा बनाई गई रोटियों का सीधा संबंध घर की आर्थिक स्थिति, पारिवारिक संबंधों और देवी लक्ष्मी की कृपा से जुड़ा होता है.  ऐसे में रोटी बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है.

सफाई में लापरवाही न करें, वरना बढ़ेगी दरिद्रता

वास्तु के अनुसार, घर की सफाई के बाद अगर रोटियां बच जाएं और उन्हें फेंक दिया जाए, तो इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है.  माना जाता है कि इससे दरिद्रता का प्रवेश होता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं.  इसलिए जितनी जरूरत हो, उतनी ही रोटियां बनाना शुभ माना गया है.

हमेशा 4–5 रोटियां ज्यादा बनाना क्यों है शुभ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में हमेशा 4–5 रोटियां अतिरिक्त बनानी चाहिए.  ऐसा करने से मां अन्नपूर्णा प्रसन्न रहती हैं और घर में अन्न-धन की कमी नहीं होती.  यह परंपरा परिवार की आर्थिक स्थिरता और समृद्धि से जुड़ी मानी जाती है.

बासी आटे की रोटियां बना सकती हैं कलह का कारण

वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि घर में बासी आटे से बनी रोटियां नहीं खानी चाहिए.  बासी आटे का संबंध राहु से बताया जाता है, जिससे घर में विवाद, तनाव और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है.  ताजा आटे से बनी रोटी घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती है.

मेहमान या साधु आएं तो भूलकर भी न करें ये गलती

अगर आपके घर कोई मेहमान, साधु या संत आए हों, तो उनके लिए बासी आटे की रोटियां बनाना अशुभ माना जाता है.  मान्यता है कि इससे मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर की समृद्धि प्रभावित होती है.

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रोटी बनाना केवल एक दैनिक कार्य नहीं, बल्कि आस्था और ऊर्जा से जुड़ा कर्म है.  थोड़ी-सी सावधानी और श्रद्धा से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रह सकती है.

डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वासों पर आधारित है.