फाल्गुन मास के अंतिम प्रदोष व्रत के दिन शिवजी को अर्पित करें ये चीजें

Ravi Pradosh Vrat 2026: फाल्गुन मास के अंतिम प्रदोष व्रत पर जानें शिवजी को क्या अर्पित करें. बेलपत्र, पंचामृत, धतूरा और फूल चढ़ाने का महत्व और पूजा विधि आसान शब्दों में.

Ravi Pradosh Vrat 2026: फाल्गुन मास का अंतिम प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है. प्रदोष व्रत हर महीने त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, लेकिन फाल्गुन माह का अंतिम प्रदोष खास महत्व रखता है क्योंकि यह होली से पहले आता है और वातावरण में भक्ति व उत्सव दोनों का भाव होता है. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं.

प्रदोष व्रत में क्या करें?

प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें. दिनभर व्रत रखें और मन में “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें. शाम के समय, यानी सूर्यास्त के बाद, भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है.

शिवजी को अर्पित करें ये चीजें

जल और गंगाजल

शिवलिंग पर शुद्ध जल या गंगाजल चढ़ाएं. इससे मन और वातावरण दोनों पवित्र होते हैं.

दूध और दही

दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करना शुभ माना जाता है. इसे पंचामृत अभिषेक भी कहते हैं.

 बेलपत्र

भगवान शिव को बेलपत्र बहुत प्रिय है. तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाएं और ध्यान रखें कि वह टूटा या कटा हुआ न हो.

धतूरा और भांग

धतूरा और भांग भी शिवजी को अर्पित की जाती है. यह उनकी प्रिय वस्तुओं में शामिल है.

सफेद फूल

सफेद रंग के फूल जैसे आक या कनेर चढ़ाना शुभ माना जाता है.

 फल और मिठाई

मौसमी फल और सादा प्रसाद अर्पित करें. पूजा के बाद इसे परिवार के साथ बांट लें.

ये भी पढ़ें: मार्च माह के पहले दिन मनाया जाएगा प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त

व्रत का फल

कहा जाता है कि प्रदोष व्रत रखने से जीवन की परेशानियां दूर होती हैं. कर्ज से मुक्ति, स्वास्थ्य लाभ और मन की शांति मिलती है. विवाहित जीवन में सुख और अविवाहित लोगों को योग्य जीवनसाथी का आशीर्वाद मिलता है. फाल्गुन मास के अंतिम प्रदोष पर श्रद्धा और सादगी से की गई पूजा अवश्य फल देती है. भगवान शिव की भक्ति से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और हर संकट दूर होता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >