Ravan Mantra: रावण का ये मंत्र है किस्मत के ताले खोलने का रहस्य

Ravan Mantra:जानें रावण संहिता का धन प्राप्ति मंत्र, जिसे 21 दिनों तक रुद्राक्ष की माला से जाप करने से खुलते हैं किस्मत के ताले. सुबह बरगद के पेड़ के नीचे इस मंत्र का अभ्यास करके पाएं धन और देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा.

Ravan Mantra: रावण केवल लंका के महान राजा नहीं थे, बल्कि भगवान शिव के परम भक्त, महान तांत्रिक और कुशल ज्योतिषी भी थे. उनकी तंत्र विद्या और ज्योतिष का खजाना हमें रावण संहिता में मिलता है. ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से अनुसार इस ग्रंथ में उन्होंने न केवल कई ज्योतिषीय रहस्य बताए हैं, बल्कि कुछ ऐसे विशेष उपाय भी बताए हैं, जिनसे व्यक्ति अपनी किस्मत के ताले खोलकर देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त कर सकता है.

धन प्राप्ति का सरल और असरदार मंत्र

यदि आप धन संबंधी परेशानियों से उबरना चाहते हैं, तो इस मंत्र का नियमित अभ्यास लाभकारी हो सकता है. इसके लिए प्रातःकाल स्नान और ध्यान करना आवश्यक है. उसके बाद किसी बड़े बरगद के पेड़ के नीचे आसन बिछाकर बैठ जाएँ. मंत्र है:

“ओम ह्रीं श्रीं क्लीं नम: ध्व: ध्व: स्वाहा”

इस मंत्र का जाप 1100 बार करना चाहिए. जाप के लिए रुद्राक्ष की माला का प्रयोग करना शुभ माना जाता है.

जप की अवधि और परिणाम

कहा जाता है कि इस मंत्र का 21 दिनों तक लगातार जाप करने से यह सिद्ध हो जाता है. मंत्र सिद्ध होने के बाद व्यक्ति की किस्मत खुलने लगती है और धन प्राप्ति के मार्ग सहज हो जाते हैं. इस उपाय को नियमित और श्रद्धा के साथ करने से न केवल वित्तीय लाभ मिलता है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ती है.

टिप्स और ध्यान रखने योग्य बातें

  • जाप के दौरान मन को शांत रखें और किसी अन्य विचार में न उलझें.
  • रुद्राक्ष की माला का प्रयोग मंत्र के प्रभाव को और मजबूत बनाता है.
  • मंत्र का जाप सुबह या ब्रह्म मुहूर्त में करना अधिक लाभकारी माना गया है.
  • इस अभ्यास को धैर्य और विश्वास के साथ करें, परिणाम समय के साथ निश्चित रूप से दिखाई देंगे.

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लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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