पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, नहीं तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें

पूजा-पाठ के दौरान कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय की गई कुछ सामान्य गलतियां शुभ फल में बाधा बन सकती हैं. आइए जानते हैं पूजा करते समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

Puja Rules: सनातन धर्म में दैनिक पूजा-पाठ का विशेष महत्व माना गया है. मान्यता है कि नियमित रूप से भगवान की आराधना करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है तथा सुख-समृद्धि का वास होता है. हालांकि, कई बार लोग अनजाने में पूजा के दौरान ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिन्हें शास्त्रों में वर्जित बताया गया है. मान्यताओं के अनुसार, इन गलतियों के कारण पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता और व्यक्ति को दोष का भागी बनना पड़ सकता है. यदि आपके घर में नियमित पूजा के बावजूद बरकत नहीं हो रही है, तो संभव है कि आप भी इनमें से कोई गलती कर रहे हों.

बिना आसन के पूजा करना

शास्त्रों के अनुसार, कभी भी सीधे जमीन पर बैठकर पूजा नहीं करनी चाहिए. बिना आसन के बैठकर पूजा करने से जो आध्यात्मिक ऊर्जा पैदा होती है, उसे धरती सोख लेती है. पूजा के लिए हमेशा ऊन या कुशा के आसन का उपयोग करें.

दीपक से दीपक जलाना

अक्सर लोग पूजा या आरती के समय पहले से जल रहे दीपक से दूसरा दीपक या कपूर जला लेते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करना उचित नहीं माना जाता. कहा जाता है कि इससे घर में आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं और सुख-समृद्धि प्रभावित हो सकती है.

खंडित मूर्तियों या टूटे बर्तनों का उपयोग

घर के मंदिर में कभी भी खंडित मूर्तियां, फटे हुए देवी-देवताओं के चित्र या चटके हुए पूजा के बर्तन नहीं रखने चाहिए. धार्मिक मान्यता है कि ऐसी वस्तुओं की पूजा करने से नकारात्मकता बढ़ती है और कार्यों में बार-बार बाधाएं आने लगती हैं. इसलिए समय-समय पर मंदिर की साफ-सफाई करें और ऐसी वस्तुओं को सम्मानपूर्वक हटाकर उचित विधि से विसर्जित करें.

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By Neha Kumari

नेहा कुमारी वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में धर्म बीट पर कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. वह व्रत-त्योहार, राशिफल, पंचांग, ज्योतिष, शुभ मुहूर्त, पौराणिक कथाओं और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर लेख लिखती हैं. उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है.

डिजिटल पत्रकारिता में उन्होंने धर्म, ज्योतिष और भारतीय परंपराओं से जुड़े विषयों पर विशेष अनुभव हासिल किया है. उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल भाषा में सटीक, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाना है, ताकि वे धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को आसानी से समझ सकें.

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