नीम करोली बाबा ने दिखाया था ये चमत्कार, ट्रेन एक इंच भी आगे नहीं खिसक सकी

Neem Karoli Baba: नीम करोली बाबा को 20वीं सदी के प्रमुख संतों में शामिल किया जाता है. वे हनुमान जी के परम भक्त थे और भक्तों द्वारा उन्हें हनुमान जी का अवतार माना जाता है. उनका आश्रम उत्तराखंड के कैंची धाम में स्थित है. हम यहां बताने जा रहे हैं नीम करोली बाबा से जुड़ी एक कहानी जिसमें बाबा ने अद्भुत चमत्कार दिखाया था.

Neem Karoli Baba: नीम करौली बाबा, जिन्हें नीम करौरी बाबा या महाराजजी के नाम से भी जाना जाता है, बीसवीं शताब्दी के प्रमुख संतों में से एक माने जाते हैं. उनका जन्म ग्राम अकबरपुर, जिला फ़िरोज़ाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ, जो हिरनगांव से लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित है. यह स्थान कैंची, नैनीताल और भुवाली से 7 किलोमीटर की दूरी पर, भुवालीगाड के बायीं ओर स्थित है.

संत बाबा नीम करोली ने 1972 में शरीर का त्याग किया, लेकिन उनकी महिमा आज भी निरंतर बढ़ती जा रही है. उत्तराखंड के कैंची धाम में लोग बाबा के समाधि स्थल पर दर्शन करने आते हैं. बाबा से जुड़े अनेक चमत्कारी किस्से समाज में प्रचलित हैं, जिनमें से एक प्रसिद्ध कहानी है बाबा नीम करोली की ट्रेन से संबंधित. आइए, इस कहानी के बारे में जानते हैं-

महाकुंभ से गंगाजल लाने वाले हो जाएं सावधान, इस जगह से जल लाना उचित नहीं है

नीम करोली बाबा की ट्रेन यात्रा की एक दिलचस्प कहानी है

कहा जाता है कि एक बार नीम करोली बाबा फर्स्ट क्लास के कंपार्टमेंट में यात्रा कर रहे थे, लेकिन उनके पास कोई टिकट नहीं था. जब टिकट चेकर (टीसी) आया, तो उसने बाबा को अगले स्टेशन पर उतारने का निर्णय लिया. इसके बाद बाबा ने ट्रेन से थोड़ी दूरी पर चिमटा गाड़कर बैठ गए. जब अधिकारियों ने ट्रेन को आगे बढ़ाने के लिए हरी झंडी दिखाई, तो ट्रेन एक इंच भी नहीं हिली. सभी प्रयासों के बावजूद रेलवे अधिकारी ट्रेन को आगे नहीं बढ़ा सके.

इस स्थिति को देखकर एक स्थानीय मजिस्ट्रेट ने बाबा को पहचाना और अधिकारियों से अनुरोध किया कि उन्हें माफी मांगी जाए. साथ ही, उन्होंने कहा कि बाबा को ट्रेन में सम्मानपूर्वक बैठाया जाए. जैसे ही बाबा नीम करोली को ट्रेन में बैठाया गया, ट्रेन तुरंत चल पड़ी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >