Navratri Kanya Pujan 2025: भूलकर भी न दें ये वस्तुएं, ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक हो सकता है नुकसान

Navratri Kanya Pujan 2025: नवरात्रि कन्या पूजन 2025 में माता दुर्गा की कृपा पाने के लिए कन्याओं को भोग और उपहार दिए जाते हैं। लेकिन पूजा में कुछ वस्तुएं भूलकर भी नहीं देनी चाहिए, वरना इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. सही वस्तुएं देने से सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्राप्त होता ह.

Navratri Kanya Pujan 2025: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है. यह पर्व देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना का प्रतीक माना जाता है. साल में चार नवरात्रि आते हैं, लेकिन अश्विन माह की शारदीय नवरात्रि सबसे बड़े स्तर पर मनाई जाती है. इन नौ दिनों तक भक्त उपवास रखते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि लाने की कामना करते हैं.

नवरात्रि के आठवें और नौवें दिन विशेष रूप से कन्या पूजन का आयोजन होता है. इस दिन नौ छोटी कन्याओं को देवी के नौ स्वरूप मानकर आमंत्रित किया जाता है. उन्हें भोजन कराकर, उपहार देकर और दक्षिणा अर्पित कर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है. यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह कन्या रूपी माता के सम्मान और पूजन का भी द्योतक है.

कन्या पूजन में उपहार के नियम

कन्या पूजन के दौरान कन्याओं को भोजन कराना और सम्मान देना अनिवार्य माना जाता है. लेकिन उन्हें खाली हाथ विदा करना शुभ नहीं होता. उपहार देने की परंपरा भी जुड़ी है, जिसमें कुछ वस्तुएं अशुभ मानी जाती हैं.

भूलकर भी न दें ये चीजें

  • प्लास्टिक की वस्तुएं
  • स्टील या कांच के बर्तन
  • धारदार वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची आदि

इन वस्तुओं को देने से पूजा का महत्व कम हो सकता है और नकारात्मकता आ सकती है.

उपहार में दें ये शुभ वस्तुएं

  • श्रृंगार सामग्री जैसे कंघी
  • हेयर क्लिप
  • छोटे बैग
  • ताजे फल
  • किताबें और खिलौने
  • उपयोगी छोटी वस्तुएं जो बच्चियां आसानी से प्रयोग कर सकें

ज्योतिष के अनुसार, कन्याओं को वही वस्तुएं देनी चाहिए जो वे खुशी और उपयोगिता के साथ स्वीकार कर सकें.

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कन्या पूजन से मिलने वाला आशीर्वाद

कन्या पूजन केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा, दया, सम्मान और भक्ति का प्रतीक भी है. इस दिन सही विधि और उपहारों के साथ की गई पूजा से घर में शांति, सुख और समृद्धि का वास होता है. साथ ही यह परंपरा बच्चों में संस्कार और करुणा जैसे गुणों को विकसित करती है.

इस नवरात्रि, कन्या पूजन को सही नियमों और श्रद्धा के साथ संपन्न कर आप माता की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं.

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ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा
ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ
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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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