Muslim Marriage Rule: रबी-उल-अव्वल इस्लामिक हिजरी कैलेंडर का तीसरा महीना है. इस महीने को इस्लाम में बहुत खास माना जाता है. मान्यता है कि इसी महीने पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब का जन्म हुआ. इस महीने लोग ज्यादा इबादत, दरूद और जिक्र करते हैं. इस महीने निकाह यानी शादी करनी चाहिए या नहीं, इसे लेकर लोगों के मन में कई सवाल आते हैं. इसके बारे में अलग-अलग राय हैं. कुछ लोग कहते हैं कि रबी-उल-अव्वल में निकाह करना अच्छा होता है, वहीं कुछ कहते हैं कि इस महीने सिर्फ पैगंबर की याद में समय बिताना चाहिए और शादी-ब्याह और बड़े समारोह से बचना चाहिए.
रबी-उल-अव्वल में निकाल सही या गलत
बता दें कि इस्लाम में ऐसा कोई नियम नहीं है कि किसी महीने या दिन को अशुभ माना जाए. पैगंबर हजरत मुहम्मद ने कहा है, “किसी चीज में बद-शगुनी नहीं है.” मतलब किसी दिन या महीने को लेकर डर या शक करना गलत है.
कुरआन और हदीस में भी किसी महीने को निकाह के लिए मना नहीं किया गया. हर दिन और हर महीना अल्लाह की बनाई हुई चीज़ है, इसलिए कोई भी दिन अशुभ नहीं हो सकता. इसलिए, रबी-उल-अव्वल में निकाह करना पूरी तरह से जायज है. यदि इस महीने कोई निकाह करता है तो इसे सही माना जाएगा.
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