Lohri 2026 Shubh Muhurat: आज मनाया जा रहा है लोहड़ी का त्योहार, यहां जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त
Lohri 2026 Shubh Muhurat: आज 13 जनवरी 2026 को लोहड़ी का पावन पर्व पूरे उत्तर भारत में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस दिन शुभ मुहूर्त में अग्नि देव की पूजा करने से सुख, समृद्धि और परिवार में खुशहाली का वास होता है. यहां जानें लोहड़ी पूजा का शुभ समय, विधि और धार्मिक महत्व.
Lohri 2026 Shubh Muhurat: मकर संक्रांति (Makar Sankranti) से सही एक दिन पहले एक त्योहार मनाया जाता है, जिसका नाम है लोहड़ी. ये मुख्य त्याहोरों मे से एक है. इसे खासतौर पर पंजाब और हरियाणा में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है. इस दिन अग्नि प्रज्वलित करके आरोग्य व समृद्धि की प्राप्ति होती है और उस अग्नि की भी बड़ी धूमधाम से पूजा भी होती है. आइए जानते हैं लोहड़ी पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका क्या महत्व है.
लोहड़ी पूजा का शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा ने बताया कि पंचांग के अनुसार इस बार लोहड़ी पर दोपहर 3 बजकर 18 मिनट तक भद्रा रहेगा. इस दिन प्रदोष काल में अग्नि प्रचलित करना बेहद अच्छा माना जाता है. इस दिन सूर्यास्त का समय शाम को 5 बजकर 44 मिनट का रहेगा. ऐसे में सूर्यास्त से 2 घंटे की अवधि लोहड़ी और अग्नि के पूजन के लिए सबसे शुभ रहेगा.
लोहड़ी का महत्व
इस पर्व के दिन से रात छोटी होनी शुरू हो जाती है और दिन बड़े होते हैं. लोहड़ी का त्योहार पारंपरिक तौर पर रबी फसल की कटाई से संबंधित है. इस दिन शाम के समय लोहड़ी की अग्नि की चारों ओर सभी मिलकर परिक्रमा करते हैं और नाचते, गाते हैं. अग्नि में तिल, गुड़, गजक आदि भी अर्पित किया जाता है. रबी की फसल को भी अग्नि में डाला जाता है. यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने के खुशी में मनाते हैं. लोहड़ी के दिन कई जगहों पर पतंग उड़ाई जाती है और लड्डू बांटा जाता है.
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कैसे मनाते हैं लोहड़ी
लोहड़ी का पावन पर्व हर वर्ष पौष माह की अंतिम रात्रि को पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाता है. यह त्योहार कड़ाके की ठंड के विदा होने और बसंत ऋतु के स्वागत का प्रतीक माना जाता है. इसके साथ ही घरों में पारंपरिक व्यंजन और मिठाइयां बनाई जाती हैं. परिवार और पड़ोसी एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटते हैं, ढोल की थाप पर नाचते-गाते हैं और आपसी प्रेम व सौहार्द का उत्सव मनाते हैं. लोहड़ी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि सामूहिक आनंद, संस्कृति और नई उम्मीदों का उत्सव है.
