होलिका दहन 2026: जानें पूजा विधि, जरूरी सामग्री और सही दिशा

Holika Dahan 2026: 03 मार्च 2026 को होलिका दहन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, जरूरी सामग्री, परिक्रमा का महत्व और दहन के बाद राख का उपयोग कैसे करें—आसान भाषा में पूरी जानकारी यहां जानें.

Holika Dahan 2026:   होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की रात को यह पर्व मनाया जाता है. साल 2026 में होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 03 मार्च को शाम 06 बजकर 22 मिनट से रात 08 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. इस समय विधि-विधान से पूजा और दहन करना शुभ माना गया है. आइए आसान भाषा में जानते हैं होलिका दहन की संपूर्ण पूजा विधि, जरूरी सामग्री, परिक्रमा का महत्व और दहन के बाद राख का क्या करना चाहिए.

होलिका दहन की संपूर्ण पूजा विधि

  • शाम को स्नान करके साफ और शुद्ध कपड़े पहनें. इसके बाद परिवार के साथ होलिका स्थल पर जाएं.
  • सबसे पहले होलिका के सामने जल से आचमन करें.
  • भगवान विष्णु और भक्त प्रह्लाद का स्मरण करें.
  • रोली, अक्षत (चावल) और फूल अर्पित करें.
  • कच्चा सूत (मौली) होलिका पर लपेटें.
  • हल्दी, गुलाल और गुड़ चढ़ाएं.
  • नारियल और अनाज (गेहूं या जौ) अर्पित करें.
  • पूजा के बाद शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें. मान्यता है कि होलिका की अग्नि में अपनी नकारात्मक सोच और बुराइयों को भी समर्पित कर देना चाहिए.

कौन-कौन सी सामग्री जरूरी है?

होलिका दहन की पूजा के लिए कुछ खास सामग्री की जरूरत होती है.

  • रोली और अक्षत
  • फूल और माला
  • हल्दी और गुलाल
  • कच्चा सूत (मौली)
  • गुड़
  • नारियल
  • गेहूं या जौ की बालियां
  • पानी से भरा लोटा
  • अगरबत्ती या दीपक

इन सामग्रियों से विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है.

सही दिशा का ध्यान क्यों जरूरी है?

होलिका दहन करते समय दिशा का भी विशेष महत्व होता है. अगर संभव हो तो होलिका पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके जलाएं. पूजा करते समय भी पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार सही दिशा में पूजा करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शुभ फल प्राप्त होते हैं.

होलिका की परिक्रमा का महत्व

पूजा के बाद होलिका की परिक्रमा करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. परिवार के सभी सदस्य मिलकर होलिका की कम से कम 3 या 7 बार परिक्रमा करें. परिक्रमा करते समय भगवान का नाम लें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें. मान्यता है कि परिक्रमा करने से रोग, दोष और नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. महिलाएं विशेष रूप से अपने परिवार की रक्षा और खुशहाली के लिए परिक्रमा करती हैं.

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दहन के बाद राख का क्या करें?

  • होलिका दहन के बाद बची हुई राख को पवित्र माना जाता है.
  • अगले दिन सुबह उस राख को घर लाकर माथे पर तिलक के रूप में लगाना शुभ माना जाता है.
  • कुछ लोग राख को घर के मुख्य द्वार या पूजा स्थान पर भी रखते हैं. ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर रहती है और घर में शांति बनी रहती है.
  • खेतों में राख डालना भी शुभ माना जाता है, इससे फसल अच्छी होने की मान्यता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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