Ketu Grah Upay: केतु को शांत करने के लिए अपनाएं ये उपाय, जीवन की बाधाएं होंगी दूर, मिलेगा आध्यात्मिक बल

Ketu Grah Upay: ज्योतिष शास्त्र में केतु को रहस्यमय ग्रह माना गया है. कुंडली में केतु अशुभ हो तो जीवन में बाधाएं आती हैं, लेकिन कुछ सरल धार्मिक उपाय अपनाकर इसके दुष्प्रभाव शांत किए जा सकते हैं और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है.

By Shaurya Punj | January 6, 2026 10:35 AM

Ketu Grah Upay:  ज्योतिष शास्त्र में केतु को एक रहस्यमय और आध्यात्मिक ग्रह माना गया है. यह ग्रह व्यक्ति के जीवन में अचानक उतार-चढ़ाव, मानसिक अस्थिरता, संतान से जुड़ी चिंता और अनजाने भय का कारण बन सकता है. हालांकि, यदि केतु अनुकूल हो जाए तो व्यक्ति को आध्यात्मिक उन्नति, गहन ज्ञान और मोक्ष की ओर ले जाता है. ऐसे में केतु को शांत करने के लिए कुछ विशेष धार्मिक उपाय अत्यंत प्रभावी माने गए हैं.

केतु का प्रभाव और उसका महत्व

केतु को छाया ग्रह कहा जाता है, जो भौतिक सुखों से विरक्ति और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करता है. ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार केतु का संबंध संतान, पूर्व जन्म के कर्म और रहस्यमयी शक्तियों से होता है. कुंडली में केतु अशुभ हो तो व्यक्ति को मानसिक तनाव, भ्रम, असफलता और पारिवारिक अशांति का सामना करना पड़ सकता है.

भगवान गणेश की आराधना से शांत होता है केतु

केतु को शांत करने का सबसे प्रभावी उपाय भगवान गणेश की उपासना मानी जाती है. गणेश जी को केतु का कारक देव माना गया है. नियमित रूप से “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करने से केतु के दुष्प्रभाव कम होते हैं और जीवन में स्थिरता आती है.

संतान और संबंधों से जुड़ा केतु

ज्योतिष में संतान को केतु का प्रतीक माना गया है. इसलिए केतु को प्रसन्न रखने के लिए संतान से अच्छे संबंध बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. संतान का सम्मान करना और उनके प्रति प्रेम भाव रखना केतु को शुभ फल देने के लिए सहायक माना जाता है.

दान-पुण्य से मिलती है ग्रह शांति

केतु शांति के लिए सफेद और काले रंग की वस्तुओं का दान विशेष फलदायी होता है. सफेद या काले रंग का ऊनी या सूती केबल किसी मंदिर में या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान करें. इसके साथ ही कुत्तों को रोटी खिलाना भी केतु को शांत करने का सरल और प्रभावी उपाय माना गया है.

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आध्यात्मिक साधना से बढ़ेगा लाभ

नियमित ध्यान, जप और सेवा भाव अपनाने से केतु का नकारात्मक प्रभाव कम होता है. केतु व्यक्ति को भीतर की यात्रा पर ले जाता है, इसलिए आध्यात्मिक जीवन अपनाने से इसके शुभ परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं.

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय विश्वासों पर आधारित है.