Kali Puja 2025: मां काली को क्यों चढ़ाए जाते हैं ये खास भोग? जानिए आध्यात्मिक महत्व

Kali Puja 2025: दिवाली की रात मां काली की भव्य पूजा होती है, जिसमें उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए जाते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन से भोग मां काली को प्रिय हैं और उनके पीछे छुपा आध्यात्मिक महत्व क्या है.

Kali Puja 2025: मां काली की पूजा में भोग अर्पित करना एक अनिवार्य और पवित्र परंपरा है. यह सिर्फ भोजन चढ़ाने का कार्य नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण और आभार व्यक्त करने का माध्यम है. आइए जानते हैं माता के प्रिये भोग का महत्त्व.

मां काली के पसंदीदा भोग

गुड़: मां काली को गुड़ विशेष रूप से प्रिय है. इसे चढ़ाने और जरूरतमंदों में बाँटने से धन-संबंधी परेशानियां दूर होती हैं.

खिचड़ी: मूंग दाल से बनी खिचड़ी प्रिय भोग है. इसे अर्पित करने से जीवन की कठिनाइयाँ कम होती हैं.

सब्जियों के पकवान: सब्जियों से बने व्यंजन जैसे लाबरा, और बिना लहसुन-प्याज के कोशा आलू डोम भी भोग के रूप में लगाए जाते हैं.

अन्य भोग: सूजी का हलवा, ताजे फल और नींबू की माला भी माँ को अर्पित किए जाते हैं.

शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजन: मां काली ऐसी देवी हैं जिन्हें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों प्रकार के व्यंजन अर्पित किए जा सकते हैं.

मां काली के भोग का आध्यात्मिक महत्त्व

समर्पण और आभार: भोग अर्पित करना ईश्वर को अपनी श्रद्धा और समर्पण दिखाने का प्रतीक है. यह मनुष्य के हृदय से निकलती सच्ची भक्ति का संदेश देता है.

कष्ट और बाधाओं का निवारण: भक्त जब मां काली को भोग अर्पित करते हैं, तो यह उनके जीवन की सभी परेशानियों और नकारात्मक शक्तियों को दूर करने में सहायक होता है.

आशीर्वाद और इच्छाओं की पूर्ति: भक्ति भाव और श्रद्धा से चढ़ाया गया भोग मां काली से सुख, सफलता और मनोकामनाओं की प्राप्ति सुनिश्चित करता है.

सकारात्मक ऊर्जा और साहस: भोग अर्पित करने से व्यक्ति में आत्मविश्वास और साहस बढ़ता है, जिससे नकारात्मक शक्तियों और भय पर विजय प्राप्त होती है.

ऐसे करें काली मां की पूजा

इस पूजा के समय गुड़हल के फूल और काले तिल चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है. सरसों के तेल का दीपक जलाकर माता के सामने रखें, जिससे उसकी खुशबू से वातावरण में शांति और सकारात्मक ऊर्जा फैलती है. मंत्र का उच्चारण करें ‘ॐ क्रीं काली’ या ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’. इसके बाद कपूर से माता काली की आरती उतारना शुभ होता है.

मां काली के कौन-कौन से भोग प्रिय हैं?

गुड़, मूंग दाल की खिचड़ी, सब्जियों से बने पकवान, हलवा, ताजे फल और नींबू की माला माता को प्रिय हैं.

काली पूजा में कौन-सा दीपक जलाना शुभ माना जाता है?

सरसों के तेल का दीपक माता के सामने रखना शुभ और पवित्र माना जाता है.

भोग अर्पित करने के बाद क्या करना चाहिए?

भोग अर्पित करने के बाद मंत्र का जाप करें, जैसे ‘ॐ क्रीं काली’ या ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’, और कपूर से आरती उतारें.

क्या मां काली को शाकाहारी और मांसाहारी दोनों भोग चढ़ाए जा सकते हैं?

हाँ, मां काली को दोनों प्रकार के भोजन अर्पित किए जा सकते हैं.

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By Jayshreeanand

कहानियों को पढ़ने और लिखने की रुचि ने मुझे पत्रकारिता की ओर प्रेरित किया. सीखने और समझने की इस यात्रा में मैं लगातार नए अनुभवों को अपनाते हुए खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं. वर्तमान मे मैं धार्मिक और सामाजिक पहलुओं को नजदीक से समझने और लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही हूं.
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