Ganga Sagar Mela 2026: इस दिन लगेगा गंगा सागर मेला, मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान का पर्व

Ganga Sagar Mela 2026: गंगा सागर मेला 2026, मकर संक्रांति पर सागर द्वीप में आयोजित होगा. 14 जनवरी से श्रद्धालु गंगा नदी में पवित्र स्नान कर पुण्य और समृद्धि प्राप्त करेंगे. इस साल 1.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है.

Ganga Sagar Mela 2026: गंगा सागर मेला 2026, जिसे गंगा सागर यात्रा या गंगा स्नान भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तीर्थयात्रा मानी जाती है. यह मेला सागर द्वीप (सागरदीप), पश्चिम बंगाल में बंगाल की खाड़ी में गंगा नदी के संगम पर आयोजित होता है. इस साल मेला 14 जनवरी 2026 को मकर संक्रांति के दिन मुख्य रूप से आयोजित होगा. श्रद्धालु 13 जनवरी से 15 जनवरी तक पवित्र स्नान कर सकते हैं. गंगासागर के महंत संजय दास के अनुसार, इस बार मेला लगभग 1.5 करोड़ श्रद्धालुओं के साथ अब तक का सबसे बड़ा आयोजन बन सकता है.

गंगा सागर मेला 2026 की तारीख और समय

  • मुख्य मकर संक्रांति स्नान: 14 जनवरी रात 9:19 बजे से 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक
  • संपूर्ण दिन स्नान: 15 जनवरी पूरे दिन, क्योंकि शुभ समय का प्रभाव आठ घंटे तक बना रहेगा
  • यह समय श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. गंगा नदी में इस पवित्र स्नान से पापों का नाश और जीवन में समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है.

क्यों है गंगा सागर मेला खास?

  • विश्वभर से तीर्थयात्री आते हैं: भारत और विदेशों से लाखों हिंदू श्रद्धालु सागर द्वीप पर पवित्र स्नान के लिए आते हैं.
  • कपिल मुनि मंदिर का महत्व: गंगा और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित यह मंदिर पवित्र स्नान का प्रमुख स्थल है.
  • विशेष अवसर: इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या में अतिरिक्त वृद्धि होने की संभावना है.
  • आध्यात्मिक लाभ: मकर संक्रांति पर गंगा स्नान को सबसे पवित्र और पुण्यदायी माना जाता है.

गंगा सागर मेला 2026 कब होगा?

मुख्य मकर संक्रांति स्नान 14 जनवरी 2026 को रात 9:19 बजे से शुरू होकर 15 जनवरी अपराह्न 1:19 बजे तक रहेगा.

क्या श्रद्धालु 15 जनवरी को भी स्नान कर सकते हैं?

हां, 15 जनवरी पूरे दिन स्नान किया जा सकता है क्योंकि शुभ समय का प्रभाव आठ घंटे तक बना रहता है.

गंगा सागर मेला इस साल क्यों खास है?

इस साल कुंभ मेला नहीं होने के कारण सागर द्वीप पर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना है.

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Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वास्तु शास्त्र पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है, न कि किसी प्रकार का दावा या सलाह.

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लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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