Falgun Purnima 2026: पूर्णिमा व्रत के दिन चंद्र देव की पूजा की जाती है. इस दिन गंगा स्नान, जप-तप, दान-पुण्य और भगवान की आराधना करने से पापों से मुक्ति मिलती है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है. वर्ष 2026 में फाल्गुन पूर्णिमा का पर्व 3 मार्च को मनाया जाएगा. इसे दोल पूर्णिमा और वसंत पूर्णिमा भी कहा जाता है. इसी रात होलिका दहन का आयोजन भी होता है.
फाल्गुन पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
फाल्गुन पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शाम 5:55 बजे शुरू होगी और 3 मार्च 2026 को शाम 5:07 बजे समाप्त होगी. स्नान और दान का श्रेष्ठ समय प्रातः 5:05 बजे से 5:55 बजे तक रहेगा. इस समय पूजा-पाठ करने से विशेष फल प्राप्त होता है. होलिका दहन का शुभ समय 3 मार्च को शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा. इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से दुख दूर होते हैं और घर में धन, समृद्धि व स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है.
फाल्गुन पूर्णिमा के शुभ योग
ज्योतिष के अनुसार, इस दिन सुबह 10:25 बजे तक सुकर्मा योग रहेगा, जो बहुत शुभ माना जाता है. इसके अलावा शिववास योग भी बन रहा है, जो शाम 5:07 बजे से प्रभावी होगा. इन शुभ योगों में लक्ष्मी-नारायण की पूजा करने से जीवन में सुख और सौभाग्य बढ़ता है. यह समय नए कार्यों की शुरुआत और सकारात्मक संकल्प लेने के लिए भी अच्छा माना जाता है.
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फाल्गुन पूर्णिमा पर 50 मिनट का दुर्लभ संयोग
फाल्गुन पूर्णिमा के दिन सुबह 5:05 बजे से 5:55 बजे तक ब्रह्म मुहूर्त का विशेष संयोग रहेगा. यह 50 मिनट का दुर्लभ समय अत्यंत पवित्र माना जाता है. इस दौरान गंगा स्नान कर या घर पर स्नान के बाद पूजा करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं. मान्यता है कि इस समय की गई साधना से घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है.
फाल्गुन पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
फाल्गुन पूर्णिमा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का अवसर है. पूर्ण चंद्रमा की उजली रोशनी हमें यह संदेश देती है कि जीवन में अंधकार के बाद प्रकाश अवश्य आता है. यदि सही मुहूर्त में श्रद्धा और नियम से पूजा की जाए, तो जीवन में शांति, समृद्धि और सौभाग्य का आगमन होता है.
