Friday Upay: हिंदू धर्म में दही और मिश्री को शुभता, पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दही चंद्रमा से जुड़ा होता है, जो मन को शांति देता है, वहीं मिश्री शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करती है, जो सुख, वैभव और सौभाग्य का कारक है. जब इन दोनों का सही दिन और विधि से उपयोग किया जाए, तो जीवन की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं और भाग्य के बंद दरवाजे खुल सकते हैं.
शुक्रवार को दही-मिश्री का विशेष प्रयोग
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार हर शुक्रवार दही में मिश्री मिलाकर भगवान विष्णु को भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है. भोग अर्पित करने के बाद वही दही परिवार के सभी सदस्यों में प्रसाद के रूप में बांट दें. ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, आर्थिक तंगी दूर होती है और सुख-समृद्धि का वास होता है.
हल्दी मिला दही: सौभाग्य बढ़ाने का उपाय
शुक्रवार के दिन एक चम्मच दही में थोड़ी सी हल्दी मिलाकर सभी परिवारजनों को तिलक करना भी शुभ माना गया है. मान्यता है कि इस उपाय से भाग्य का उदय होता है और जीवन में आ रही रुकावटें धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं.
पूर्णिमा पर तुलसी के साथ दही का महत्व
हर पूर्णिमा तिथि को दही में तुलसी के पत्ते डालकर घर के मंदिर में भगवान को अर्पित करें. इसके बाद इसे परिवार के लोगों में वितरित करें. ऐसा करने से घर में शांति, सुख और मानसिक संतुलन बना रहता है.
नजर दोष से बचाव का आसान उपाय
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार या शनिवार को एक कटोरी दही में मिर्च मिलाकर बच्चों के सिर से सात बार उतारकर बाहर फेंक दें. ऐसा करने से नजर दोष और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं.
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क्यों असरदार हैं ये उपाय?
ये सभी उपाय सरल होने के साथ-साथ शास्त्रों में बताए गए हैं. नियमित श्रद्धा और विश्वास के साथ किए जाएं तो ये जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक माने जाते हैं.
डिस्क्लेमर: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और लोक विश्वासों पर आधारित है.
