Karwa Chauth Rule: क्या पीरियड्स के दौरान महिलाएं रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत? जानें क्या कहा गया है शास्त्रों में

Karwa Chauth Rule: करवा चौथ का इंतजार आमतौर पर हर सुहागिन महिला को रहता है. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं. लेकिन क्या होगा यदि व्रत से पहले या व्रत के दौरान महिला को पीरियड्स आ जाएं? पीरियड्स के समय क्या महिला को व्रत करना चाहिए या बीच में छोड़ देना चाहिए? इन सभी सवालों के जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे.

Karwa Chauth Rule: इस साल 10 अक्टूबर 2025 को करवा चौथ का व्रत किया जाएगा. हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है. सुहागिन महिलाएं इस व्रत को अपने पति की दीर्घायु और सुरक्षा के लिए रखती हैं. इस दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं और सोलह श्रृंगार कर माता करवा की पूजा करती हैं.

लेकिन कई बार व्रत के समय महिलाओं को पीरियड्स (मासिक धर्म) आ जाते हैं. चूंकि कहा जाता है कि पीरियड्स के समय महिलाएं किसी भी तरह के धार्मिक अनुष्ठान में भाग नहीं ले सकतीं और न ही पूजा-पाठ कर सकती हैं, न ही पूजा की सामग्री को छू सकती हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि यदि व्रत से पहले या व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं, तो महिलाओं को क्या करना चाहिए. क्या व्रत को बीच में छोड़ देना चाहिए या पूरा करना चाहिए? आइए इन सवालों के जवाब विस्तार से जानते हैं.

क्या पीरियड्स के समय महिलाएं करवा चौथ का व्रत रख सकती हैं?


शास्त्रों में कहीं यह उल्लेख नहीं है कि पीरियड्स के समय महिलाएं व्रत नहीं रख सकतीं. इसलिए यदि महिला अपनी इच्छा से पीरियड्स के समय करवा चौथ का व्रत करना चाहती है, तो वह रख सकती है. इस व्रत के फल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. इस विधि-विधान के साथ कुछ सावधानियों का पालन करते हुए व्रत किया जा सकता है.

पीरियड्स के समय करवा चौथ का व्रत रखने का नियम क्या है?


शास्त्रों में व्रत रखने से मना नहीं किया गया है, लेकिन इस दौरान पूजा-पाठ और अर्चना में शामिल होना वर्जित माना गया है. व्रत को पूरे नियम अनुसार रखा जा सकता है, लेकिन पूजा के कार्य में शामिल नहीं होना चाहिए. व्रती महिला पूजा स्थल से दूर बैठकर पूजा देख सकती है और किसी अन्य महिला से पूजा करवा सकती है. यदि घर में कोई अन्य महिला नहीं है, तो पति पूजा कर सकते हैं. महिला केवल चंद्रमा निकलने पर अर्घ्य दें और उसके बाद व्रत का पारण कर लें.

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी केवल मान्यताओं और परंपरागत जानकारियों पर आधारित है. प्रभात खबर किसी भी तरह की मान्यता या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Author: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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