Basant Panchami 2026: आज, 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है. आज के दिन घरों, स्कूलों और कॉलेजों में माता सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर विशेष पूजा की जाती है. मान्यता है कि माता सरस्वती की आराधना करने से भक्तों का मानसिक और बौद्धिक विकास होता है, कार्यों में सफलता मिलती है और जीवन में खुशहाली बनी रहती है. इस दिन माता सरस्वती के मधुर भजनों को सुनना शुभ माना जाता है. कहा जाता है कि इससे मन शांत रहता है और नकारात्मक सोच कम होती है. ऐसे में बसंत पंचमी के दिन माता के भजन अवश्य सुनने चाहिए.
सरस्वती माता भजन (Saraswati Mata Bhajan)
मां शारदे कहां तू, वीणा बजा रही हैं
श्लोक:
सरस्वती नमस्तुभ्यं, वरदे कामरूपिणी।
विद्यारम्भं करिष्यामि, सिद्धिर्भवतु मे सदा॥
भजन:
मां शारदे कहां तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं॥
किस भाव में भवानी,
तू मग्न हो रही है,
विनती नहीं हमारी,
क्यों माँ तू सुन रही है॥ ×2
हम दीन बाल कब से,
विनती सुना रहे हैं,
चरणों में तेरे माता,
हम सिर झुका रहे हैं,
हम सिर झुका रहे हैं॥
मां शारदे कहाँंतू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं॥
अज्ञान तुम हमारा,
माँ शीघ्र दूर कर दो,
द्रुत ज्ञान शुभ्र हममें,
माँ शारदे तू भर दे॥ ×2
बालक सभी जगत के,
सुत मात हैं तुम्हारे,
प्राणों से प्रिय हैं हम,
तेरे पुत्र सब दुलारे,
तेरे पुत्र सब दुलारे॥
माँ शारदे कहाँ तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं॥
हमको दयामयी तू,
ले गोद में पढ़ाओ,
अमृत जगत का हमको,
माँ शारदे पिलाओ॥ ×2
मातेश्वरी तू सुन ले,
सुंदर विनय हमारी,
करके दया तू हर ले,
बाधा जगत की सारी,
बाधा जगत की सारी॥
मां शारदे कहां तू,
वीणा बजा रही हैं,
किस मंजु ज्ञान से तू,
जग को लुभा रही हैं॥
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