मार्च 2026 अमावस्या कब है? जानें पितृ तर्पण, दान और सावधानियां

Amavasya March 2026: चैत्र अमावस्या पर पितरों की पूजा करना शुभ माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन पितरों की पूजा करने से परिवार की परेशानियां दूर होकर घर में सुख-शांति बनी रहती है.

Amavasya March 2026: हर महीने के कृष्ण पक्ष की आखिरी तिथि को अमावस्या होता है. आकाश में इस दिन चंद्रमा दिखाई नहीं देता है. अमावस्या के दिन स्नान, दान, पूजा-पाठ और पितरों की पूजा के लिए बहुत शुभ माना जाता है. इस दिन किए गए अच्छे कार्यों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है. कहा जाता है कि अमावस्या तिथि के अधिपति पितृ देवता होते हैं. इसलिए इस दिन पितरों के लिए श्रद्धा के साथ श्राद्ध, तर्पण और दान करने से उनका आशीर्वाद मिलता है और पितरों की कृपा बनी रहती है. इस पूजा से परिवार की परेशानियां दूर होकर घर में सुख शांति बनी रहती है. इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा, धन प्राप्ति के उपाय और साधना करना अच्छा माना जाता है. आइए जानते हैं चैत्र महीने की अमावस्या कब है और इस दिन पूजा करने की विधि क्या है.

चैत्र अमावस्या तिथि और शुभ मुहूर्त

चैत्र महीने की अमावस्या इस वर्ष 18 मार्च 2026 को सुबह 8 बजकर 25 मिनट से शुरू होगी. जो कि अगले दिन 19 मार्च 2026 की सुबह 6 बजकर 52 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि को मानने के कारण इस वर्ष चैत्र अमावस्या 19 मार्च 2026 को मनाई जाएगी.

पितरों की पूजा

  • इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले पितरों की शांति के लिए तर्पण करें.
  • तर्पण के लिए आप पहले एक तांबे के लोटे में पानी लेकर उसमें काला तिल और सफेद फूल डाल दें.
  • इसके बाद कुशा घास से श्रद्धा के साथ पितरों को तर्पण अर्पित करें.
  • फिर आप पितरों की कृपा पाने और उनकी आत्मा की शांति के लिए पितृ सूक्त का पाठ करें.
  • आप चाहें तो इस पाठ को किसी योग्य व्यक्ति से श्रद्धा से सुनें.
  • इस दिन पितरों को प्रसन्न करने के लिए एक लोटे में दूध, गंगाजल, काला तिल और गुड़ या चीनी मिलाकर अर्पित करना भी शुभ होता है.
  • फिर आप पीपल के पेड़ की सात बार परिक्रमा करने के बाद पितरों से परिवार में सुख, शांति और सौभाग्य का आशीर्वाद मांगें.

चैत्र अमावस्या पर किन चीजों को करें दान

  • काले तिल
  • अन्न और वस्त्र
  • जल दान
  • तेल

चैत्र अमावस्या पर सावधानियां

  • चैत्र अमावस्या के मौके पर नॉनवेज और लहसुन का सेवन बिल्कुल न करें. यानी इस दिन सात्विक भोजन करें.
  • इस दिन कोई भी नया या मांगलिक कार्य शुरू न करें.
  • घर में झगड़ा या नकारात्मक बातचीत से बचें.
  • इस दिन बाल, नाखून काटना या दाढ़ी बनाना अशुभ होता है.
  • इस दिन किसी अन्य के घर का या फिर दान का अन्न खाने से बचें.

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लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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