Masik Shivratri 2026: आज है मासिक शिवरात्रि, करें महादेव की आरती, पूरी होंगी सभी मनोकामनाएं
Masik Shivratri 2026: मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शंकर के प्रत्येक भक्त के लिए बेहद खास होता है. इसलिए भक्तों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए पूजा के साथ आरती का पाठ अवश्य करना चाहिए. बिना आरती के पूजा अधूरी मानी जाती है. यहां पढ़ें भगवान शिव की आरती के लिरिक्स.
Masik Shivratri 2026: आज यानी 16 जनवरी 2026, शुक्रवार को मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है. यह व्रत भगवान भोलेनाथ को समर्पित है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से महादेव की पूजा-अर्चना करता है और आरती का पाठ करता है, उस पर भगवान भोलेनाथ की कृपा सदा बनी रहती है. इससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि आरती के पाठ से वातावरण में मौजूद नकारात्मकता नष्ट होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. साथ ही मन को शांति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है.
भगवान शिव की आरती (Bhagwan Shiv Ki Aarti)
ऊं जय शिव ओंकारा
ऊं जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धांगी धारा॥ ऊं जय शिव…
एकानन चतुरानन पंचानन राजे,
हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥ ऊं जय शिव…
दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे,
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे॥ ऊं जय शिव…
अक्षमाला वनमाला मुण्डमाला धारी,
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी॥ ऊं जय शिव…
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे,
सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे॥ ऊं जय शिव…
कर के मध्य कमण्डलु चक्र त्रिशूल धर्ता,
जगकर्ता जगभर्ता जग संहारकर्ता॥ ऊं जय शिव…
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका,
प्रणवाक्षर में शोभित यह त्रिवेद का टीका॥ ऊं जय शिव…
शिव ओंकारा शिव ओंकारा हर ऊंकारा,
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ऊं जय शिव…
ऊं जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥ ऊं जय शिव…
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