बिहार के सीएम पद पर पहली बार बीजेपी का राज, बदलेगी बिहार की राजनीति?

Samrat Choudhary : सम्राट चौधरी का बिहार के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना बिहार की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है. यह बदलाव लंबे समय से चले आ रहे एक युग और उनके प्रभाव के अंत की कहानी भी लिखेगा, क्योंकि पहली बार बिहार में सीएम की कुर्सी पर बीजेपी का चेहरा नजर आएगा. सम्राट चौधरी अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं, वे कुशवाहा जाति (लव-कुश समीकरण) से हैं. उन्हें मुख्यमंत्री बीजेपी ने बिहार के जातीय समीकरण को एक तरह से साध लिया है.

Samrat Choudhary : एक मजबूत राजनीतिक परिवार से आने वाले सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे. खरमास के खात्मे के साथ ही बिहार की राजनीति में एक नये युग की शुरुआत हुई है. 21 साल तक बिहार में नीतीश कुमार का दौर था. लालू राज की समाप्ति के बाद नीतीश कुमार बिहार के सर्वमान्य नेता थे. नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और उनके इस्तीफे के बाद सम्राट चौधरी को बीजेपी ने अपने विधायक दल का नेता चुना है यानी अब बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी होंगे.

कौन हैं सम्राट चौधरी?

सम्राट चौधरी बिहार की राजनीति का एक बड़ा चेहरा हैं. उन्होंने उस समय में भारतीय जनता पार्टी के संगठन की बागडोर संभाली, जब उसकी बहुत जरूरत थी. वक्त के साथ उन्होंने खुद को साबित किया और संगठन के साथ-साथ सरकार में भी महत्वपूर्ण पद पर रहे. वर्तमान में वे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री होने के साथ-साथ गृह विभाग भी संभाल रहे थे. वे एक मजबूत राजनीतिक परिवार से आते हैं,उनके पिता शकुनी चौधरी छह बार विधायक और सांसद रह चुके थे, जबकि उनकी मां भी विधायक थीं. सम्राट चौधरी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत आरजेडी के साथ की थी. उस वक्त राबड़ी देवी बिहार की कमान संभाल रही थीं.आरजेडी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री के रूप में भी उन्होंने कार्य किया. बाद में आरजेडी का दामन छोड़कर सम्राट बीजेपी के साथ आए थे. वे और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे.

सम्राट चौधरी के सीएम बनने का क्या होगा प्रभाव?

सम्राट चौधरी बिहार के तारापुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. उनकी छवि एक मजबूत और सक्रिय नेता की है.वे अति पिछड़ा वर्ग के प्रतिनिधि हैं. नीतीश कुमार को अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग का मजबूत समर्थन हासिल था. सम्राट चौधरी की एंट्री से बीजेपी ने इस समीकरण को साध लिया है. सम्राट चौधरी को संगठन और सरकार दोनों का अनुभव है इसलिए उनके सीएम बनने से बीजेपी की पकड़ प्रदेश में मजबूत होगी. खास बात यह है कि नीतीश कुमार का विश्वास जीतकर सम्राट चौधरी ने प्रदेश की राजनीति और लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बना ली है. इसका फायदा बीजेपी को मिलना तय है. सरकार को कई बार समर्थन देने वाली बीजेपी अब ड्राइविंग सीट पर है और अपने काम और व्यवहार से बिहारवासियों का, विभिन्न दलों के राजनीतिज्ञों का दिल जीतने में कामयाब सम्राट चौधरी आने वाले दिनों में यह साबित करेंगे कि अब बिहार का बीजेपी का प्रभाव बढ़ेगा और सत्ता का संतुलन भाजपा की ओर शिफ्ट होगा.

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सम्राट चौधरी होंगे बिहार के अगले सीएम, बीजेपी विधायक दल के चुने गए नेता

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Published by: Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

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रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

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रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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