Jyoti Malhotra : एक हिंदुस्तानी लड़की का पाकिस्तान प्रेम, जानिए पाकिस्तानी जासूस दानिश के संपर्क में कैसे आई

jyoti malhotra youtuber: ऑपरेशन सिंदूर के बाद जब सरकार ने सख्त रुख अपनाया हुआ है और पाकिस्तान से होने वाले तमाम ताल्लुकात पर नजर रखे हुए है, तो ज्योति मल्होत्रा का नाम सामने आया है. ज्योति मल्होत्रा एक यूट्‌यूबर हैं, जिनपर यह आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को भारत की संवेदनशील जानकारियां शेयर कीं. ज्योति मल्होत्रा एक पाकिस्तानी जासूस दानिश के संपर्क में भी थी, जिसे भारत सरकार ने देश से निकाल दिया है. वह पाकिस्तानी दूतावास में कार्यरत था. वीजा लेने के दौरान ज्योति और दानिश की मुलाकात हुई थी. ज्योति से पहले मधुरी गुप्ता, हिना और कौसर को भी जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है.

jyoti malhotra youtuber: ज्योति मल्होत्रा शनिवार को हिसार में गिरफ्तार हुईं हैं और तब से यह नाम पूरे देश में हाॅटकेक बना हुआ है. ज्योति मल्होत्रा एक ट्रैवल ब्लॉगर हैं. उनके चैनल का नाम है- ‘Travel with JO’. यूट्‌ब पर उसके 3 लाख 81 हजार से ज्यादा सब्सक्राइवर हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर उनके फाॅलोवर्स 1 लाख 38 हजार हैं. पुलिस का कहना है कि ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तानी नागरिक दानिश जो वहां के दूतावास में काम करता था, उसके साथ लगातार संपर्क में रही हैं. पुलिस का दावा है कि यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों को खुफिया जानकारियां उपलब्ध कराती रहती थीं. सच क्या है यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा लेकिन यह भी एक सच्चाई है कि बिना आग के धुआं नहीं उठता है. उसने जो वीडियो अपने चैनल पर अपलोड किए हैं, उसमें एक हिंदुस्तानी लड़की पाकिस्तान में काफी चर्चित है.

ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में की थी पाकिस्तान की यात्रा

ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा ने 2023 में पाकिस्तान की यात्रा की थी. वो पाकिस्तान के कई इलाकों में गई थीं, लाहौर की भी यात्रा की था. ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तानी दूतावास के निमंत्रण पर इफ्तार पार्टी में भी शरीक हुई थी. वीडियो को देखकर यह पता चलता है कि ज्योति मल्होत्रा का आना-जाना पाकिस्तानी दूतावास में था और पाकिस्तानी अधिकारी दानिश के साथ उसके करीबी संबंध थे. ज्योति मल्होत्रा अपने वीडियो में बताती हैं कि उनका परिवार पाकिस्तान के मुल्तान से ताल्लुक रखता था, इसलिए वे पाकिस्तान से खुद को कनेक्ट महसूस करती हैं. ज्योति मल्होत्रा की दादी मुल्तान से थीं और उनके परिवार के अन्य लोग भी पाकिस्तान से थे. वे एक वीडियो में बताती नजर आ रही हैं कि वे बिना वीजा के पाकिस्तान का दौरा कर रही हैं. वहां के बाजारों, गुरुद्वारों और मंदिरों में भी ज्योति ने वीडियो बनाया है.

पाकिस्तानी दानिश के संपर्क में कैसे आई ज्योति मल्होत्रा

ज्योति मल्होत्रा का पाकिस्तान प्रेम

ज्योति मल्होत्रा दानिश के संपर्क में कैसे आई, इसपर उनके पिता ने कई टीवी चैनल के रिपोर्टर को बताया कि मुझे नहीं पता कि उसके किसी पाकिस्तानी के साथ संपर्क थे. वो अगर पाकिस्तान गई थी, तो उसके परमिशन दिया गया होगा, तभी वो गई होगी. दानिश के साथ संबंध होने और सूचनाएं शेयर करने के मामले में उनके पिता ये बताते हैं कि यह गलत बात है, ज्योति ने कोई सूचना शेयर नहीं की है. हालांकि उनकी बातों से यह भी महसूस होता है कि उन्हें अपनी बेटी की गतिविधियों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. वो कहां जाती है, किनसे मिलती है, ये बातें उनको अच्छे से पता नहीं है. दानिश को सरकार ने जासूसी के आरोप में यहां से निष्कासित कर दिया है, लेकिन उसके साथ ज्योति की घनिष्ठता कुछ और ही कहानी कहती दिखती है.

ज्योति से पहले भी कुछ भारतीय महिलाएं जासूसी के आरोप में हुईं हैं गिरफ्तार

ज्योति मल्होत्रा पहला नाम नहीं है, जिसे जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उससे पहले कुछ और महिलाओं को भी जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. 2010 में भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद की अधिकारी मधुरी गुप्ता को गिरफ्तार किया गया था. उनपर आरोप था कि उन्होंने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई को गोपनीय सूचनाएं साझा की हैं. मधुरी गुप्ता का मामला स्वतंत्र भारत में किसी महिला द्वारा जासूसी करने के पहला केस था. 2018 में उन्हें तीन साल की सजा भी हुई थी. 2021 में इंदौर से दो बहनों हिना और कौसर को गिरफ्तार किया गया था. इनपर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने का आरोप था. दोनों बहनें सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानियों के संपर्क में आई थी, उन्हें शादी का झांसा भी दिया गया था.

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By Rajneesh anand

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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