Ceuta Crisis : स्पेन–मोरक्को सीमा पर कैसे पहुंचे 60 हजार लोग !

यूरोप एक बार फिर प्रवासी संकट का सामना कर रहा है, जहां मोरक्को से हजारों लोग सेउता पहुंचे. जानिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले, स्पेन की मजबूत अर्थव्यवस्था और मानव तस्करी नेटवर्क ने कैसे इस हालात को जन्म दिया.

सरकारी आंकड़े और मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मोरक्को से स्पेन के उत्तर अफ्रीकी शहर सियूटा(Ceuta) में एक ही दिन में 50 से 60 हजार से ज्यादा लोग पहुंच गए. द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान सीमा पार करने की कोशिश में कम से कम 57 लोगों की मौत हो गई. अचानक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से सियूटा में हालात बिगड़ गए. खाने-पीने, रहने और दूसरी जरूरी सुविधाओं पर भारी दबाव पड़ गया. इसके बाद स्पेन सरकार ने सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी, राहत व्यवस्था शुरू की और बड़ी संख्या में लोगों को कानूनी प्रक्रिया के बाद वापस मोरक्को भेजना शुरू कर दिया.

लेकिन सवाल यह है कि आखिर इतने कम समय में इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर स्पेन पहुंचने की कोशिश क्यों की?

फोटो / सोशल मीडिया

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पड़ा असर ?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 जून को स्पेन के सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि समुद्र के रास्ते सियूटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla) पहुंचने वाले प्रवासियों को बिना कानूनी प्रक्रिया पूरी किए तुरंत मोरक्को वापस नहीं भेजा जा सकता. अदालत ने कहा कि ऐसे लोगों को पहले कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें स्पेन में रहने का अधिकार मिल गया है.

  • CNN ने अपनी रिपोर्ट में माइग्रेशन विशेषज्ञ जेम्मा पिन्योल-जिमेनेज के हवाले से कहा कि पहले प्रवासियों की पहचान और जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. अगर उनके पास स्पेन में रहने का कानूनी अधिकार नहीं है, तो उन्हें कुछ ही दिनों में मोरक्को वापस भेजा जा सकता है. उन्होंने बताया कि स्पेन और मोरक्को के बीच 1992 से एक समझौता लागू है, जिसके तहत अवैध रूप से पहुंचे लोगों को वापस लिया जा सकता है.
  • वहीं, कानून विशेषज्ञ डेनियल थिम ने CNN से कहा कि यह कोई बड़ा मानवाधिकार फैसला नहीं, बल्कि एक तकनीकी कानूनी निर्णय है.

क्या केवल कोर्ट का फैसला ही इस संकट की वजह था?

विशेषज्ञों का मानना है कि अकेले इस फैसले से इतना बड़ा प्रवासन नहीं हुआ. इसके साथ अफवाहें, आर्थिक हालात और तस्करी नेटवर्क भी बड़ी वजह हैं.

स्पेन की मजबूत अर्थव्यवस्था बन रही है प्रवासियों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण !

  • Ceuta संकट की सबसे बड़ी वजह स्पेन में मिलने वाले रोजगार के मौके हैं. इस समय स्पेन यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं वाला देश है.
  • इसके अलावा यहां पर्यटन, खेती, निर्माण और घरेलू काम जैसे कई क्षेत्रों में मजदूरों की भारी कमी है.
  • दूसरी तरफ, मोरक्को और उत्तर अफ्रीका के कई देशों में बेरोजगारी बहुत ज्यादा है. ऐसे में वहां के हजारों युवा अच्छी नौकरी और बेहतर जिंदगी की उम्मीद में स्पेन पहुंचना चाहते हैं.
  • बार्सिलोना सेंटर फॉर इंटरनेशनल अफेयर्स (CIDOB) की रिपोर्ट के अनुसार, स्पेन के घरेलू सेवा क्षेत्र में करीब 72%, होटल और पर्यटन क्षेत्र में 45%, निर्माण क्षेत्र में 32% और खेती में 31% कामगार अप्रवासी (विदेशी) हैं.
  • यह दिखाता है कि स्पेन की अर्थव्यवस्था काफी हद तक प्रवासी मजदूरों पर निर्भर है. हालांकि स्पेन में श्रमिकों की कमी होने का अर्थ यह नहीं है कि अनियमित रूप से पहुंचे लोगों को स्वतः रोजगार या रहने का अधिकार मिल जाता है.
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प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की योजना और अफवाह

  • स्पेन सरकार द्वारा शुरू की गई असाधारण नियमितीकरण (Extraordinary Regularisation) योजना भी Ceuta संकट का एक प्रमुख कारण है.
  • साल 2026 में प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार ने देश में पहले से रह रहे बिना दस्तावेज वाले (Undocumented) प्रवासियों को कानूनी दर्जा देने की एक विशेष योजना लागू की.
  • सरकार का तर्क था कि स्पेन तेजी से बूढ़ी होती आबादी, श्रमिकों की कमी और भविष्य में पेंशन प्रणाली पर बढ़ते दबाव का सामना कर रहा है. ऐसे में पहले से काम कर रहे प्रवासियों को वैध दर्जा देना देश की अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है.
  • यह योजना केवल उन लोगों के लिए थी जो पहले से स्पेन में रह रहे थे. लेकिन मानव तस्करी नेटवर्क और सोशल मीडिया पर इसको लेकर अफवाह फैला दी गई कि सरकार ने प्रवासियों लोगों के लिए अपने सीमा खोल दिया है.
  • इससे हजारों लोगों में यह गलत धारणा बन गई कि यदि वे स्पेन पहुंच गए तो उन्हें भी कानूनी दर्जा मिल जाएगा.
  • सरकार को 5 लाख आवेदनों की उम्मीद थी. लेकिन 30 जून 2026 तक आवेदन की अंतिम तिथि समाप्त होने पर 12 लाख से अधिक लोगों ने आवेदन कर दिया. The Guardian और स्पेनिश गृह मंत्रालय के अनुसार प्रवासियों को वैध दर्जा देने के लिए मांगे गए आवेदनों में 13.3% नागरिक मोरक्को के थे.

गर्मियों के मौसम में आसान समुद्री मार्ग के कारण अवैध घुसपैठ की कोशिश?

  • विशेषज्ञों के अनुसार Ceuta संकट के पीछे मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों की भी भूमिका है.
  • हर साल मई से सितंबर के बीच भूमध्य सागर (Mediterranean Sea) और अटलांटिक महासागर का मौसम अपेक्षाकृत शांत रहता है. इस दौरान समुद्री लहरें कमजोर होती हैं, जिससे छोटी रबर की नावों (Zodiac Boats) या तैरकर सीमा पार करने का जोखिम कम हो जाता है.
  • मोरक्को की सीमा सीधे स्पेन के दो स्वायत्त शहरों सेउटा (Ceuta) और मेलिला (Melilla) से जुड़ी हुई है. ये दोनों शहर भले ही अफ्रीका में स्थित हों, लेकिन कानूनी रूप से स्पेन और यूरोपीय संघ का हिस्सा हैं.
  • 2026 के Ceuta सीमा संकट के दौरान आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, केवल ताराजाल (Tarajal) और बेंजु (Benzu) ब्रेकवाटर क्षेत्रों से 60,000 से अधिक लोगों ने तैरकर या समुद्री रास्ते से सीमा पार करने की कोशिश की.
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मोरक्को का आर्थिक संकट और युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी

  • मोरक्को में लगातार बिगड़ती आर्थिक स्थिति भी इस पलायन का एक प्रमुख कारण माना जा रहा है.
  • रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से मोरक्को लगातार भीषण सूखे (Drought) का सामना कर रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा है. मोरक्को की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है, इसलिए खेती प्रभावित होने से लाखों लोगों की आय पर सीधा असर पड़ा है.
  • ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर तेजी से घटे हैं और बड़ी संख्या में युवा बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोप का रुख कर रहे हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, सीमित रोजगार और कमजोर आर्थिक विकास ने पलायन को एकमात्र विकल्प बना दिया है.
  • मोरक्को की सरकारी सांख्यिकी एजेंसी High Commission for Planning (HCP) और Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, देश की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर बढ़कर 13.3% तक पहुंच गई है. जिसमें सबसे अधिक 15 से 24 वर्ष के युवाओं में बेरोजगारी दर ( 36.7% से 37.2% ) है.
  • मोरक्को में लगभग 60 लाख युवा कामकाजी आयु वर्ग में हैं, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था हर साल उनकी जरूरत के मुकाबले बहुत कम नए रोजगार पैदा कर पाती है. ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं के लिए अपने देश में नौकरी पाना मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि बेहतर रोजगार और बेहतर भविष्य की तलाश में हजारों युवा हर साल यूरोप, खासकर स्पेन, की ओर पलायन करने की कोशिश करते हैं.
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प्रवासी सियूटा क्यों पहुंचना चाहते हैं?

  • सियूटा(Ceuta) अफ्रीका के उत्तरी तट पर स्थित स्पेन का एक छोटा शहर है. यह मोरक्को की सीमा से सटा हुआ है. हालांकि यह अफ्रीका में है, लेकिन कानूनी रूप से स्पेन और यूरोपीय संघ (EU) का हिस्सा है.
  • सियूटा और मेलिला (Melilla) अफ्रीका में मौजूद स्पेन के दो ऐसे शहर हैं, जो यूरोप और अफ्रीका के बीच एकमात्र स्थलीय सीमा (Land Border) बनाते हैं. इसलिए इन्हें यूरोप का प्रवेश द्वार भी कहा जाता है.
  • यूरोप जाने की कोशिश करने वाले लोगों के लिए सियूटा सबसे आसान रास्तों में से एक है. मोरक्को के कई लोग तैरकर या छोटी नावों से सियूटा पहुंचने की कोशिश करते हैं. कुछ लोग सीमा पर लगी ऊंची बाड़ को पार करने की भी कोशिश करते हैं.
  • स्पेन ने यहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी है, लेकिन इसके बावजूद हर साल हजारों लोग यहां से यूरोप में प्रवेश करने की कोशिश करते हैं.
  • अगर कोई प्रवासी स्यूटा पहुंच जाता है, तो वह स्पेन में शरण (Asylum) के लिए आवेदन कर सकता है. हालांकि, कई मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें वापस मोरक्को भेज दिया जाता है.

सियूटा को लेकर स्पेन और मोरक्को में विवाद क्यों है?

यह पहली बार नहीं है जब इन क्षेत्रों में इतनी बड़ी संख्या में प्रवासी पहुंचे हों, इससे पहले 2021 में भी सियूटा इसी तरह के बड़े प्रवासी संकट का केंद्र बना था. उस समय हजारों लोगों ने एक साथ मोरक्को से सीमा पार करने की कोशिश की थी. हालांकि 2021 की तुलना में यह संकट बड़ी है.स्यूटा को लेकर स्पेन और मोरक्को में विवाद इन कारणों से है.

  • सियूटा सिर्फ प्रवासियों का रास्ता नहीं है, बल्कि यह स्पेन और मोरक्को के बीच लंबे समय से विवाद की वजह भी है.
  • स्पेन पिछले कई सौ वर्षों से सियूटा पर शासन कर रहा है, लेकिन मोरक्को आज भी इसे अपना हिस्सा मानता है. इसी कारण दोनों देशों के बीच अक्सर तनाव बना रहता है.
  • सबसे बड़ा विवाद मई 2021 में हुआ था. उस समय मोरक्को ने कुछ समय के लिए सीमा पर निगरानी कम कर दी थी. इसके बाद करीब 8,000 से 10,000 लोग सिर्फ दो दिनों में स्यूटा पहुंच गए.
  • उस समय स्पेन ने पश्चिमी सहारा (Western Sahara) के एक अलगाववादी नेता को इलाज के लिए अपने अस्पताल में जगह दी थी. माना गया कि इसी के विरोध में मोरक्को ने सीमा पर सख्ती कम की थी.
  • बाद में 2022 में स्पेन ने पश्चिमी सहारा को लेकर मोरक्को के प्रस्ताव का समर्थन किया. इसके बाद दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हुआ और सीमा सुरक्षा पर सहयोग भी बढ़ा.


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By गौतम कुमार

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