कार्यक्रम को संबोधित करते मंत्री इरफान अंसारी
सदर अस्पताल से शुरू हुआ राज्यव्यापी रक्तदान अभियान
अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बुधवार को 'इंटेंसिफाइड एचआईवी कैंपेन-2026' के तहत राज्यव्यापी स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया गया. सदर अस्पताल स्थित ब्लड बैंक सेंटर में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने किया. सेफ ब्लड ट्रांसफ्यूजन के महत्व को रेखांकित करते हुए पूरे राज्य में रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं. कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को अत्याधुनिक बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई.
कार्यक्रम में मौजूद भीड़
15 मिनट में दरवाजे पर पहुंचेगा ब्लड
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य में ब्लड बैंक प्रबंधन को उन्नत बनाया जा रहा है, जिसके तहत टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते ही 15 मिनट के भीतर जरूरतमंदों के घर तक खून पहुंचाया जाएगा. इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है और अगले एक महीने के भीतर इसे धरातल पर उतार दिया जाएगा. इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि चूंकि खून किसी लैब में नहीं बनाया जा सकता, इसलिए राज्य भर में अधिक से अधिक रक्तदान शिविर आयोजित करने की आवश्यकता है.
दीप प्रज्वलित करते मंत्री इरफान अंसारी
9 जिले होंगे एचआईवी मुक्त
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि सरायकेला और साहिबगंज जैसे प्रभावित जिलों में बेहतर प्रगति हुई है, वहीं चाईबासा में हुई चूक को स्वीकार करते हुए सुधार के निर्देश दिए गए हैं. राज्य के 9 प्रभावित जिलों को गोद लेकर संक्रमणमुक्त बनाने की योजना है. इस दौरान रिम्स-2 की स्थापना और विभाग के भविष्य के रोडमैप को भी साझा किया गया. झारखंड राज्य एड्स नियंत्रण समिति के परियोजना निदेशक शशि प्रकाश सिंह ने खुलासा किया कि 13 से 24 वर्ष के युवाओं में 19% नए एचआईवी और एसटीआई मामले सामने आना बेहद चिंताजनक है.
दीप प्रज्वलित करते एक अन्य अतिथि और बगल में खड़े हैं इरफान अंसारी
जागरूकता IEC वैन रवाना और डॉक्टरों को संयम की सलाह
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने ग्रामीण और शहरी इलाकों में एचआईवी के प्रति सही जानकारी फैलाने के लिए आइइसी (IEC) जागरूकता वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर विधायक उमाशंकर अकेला, सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद व अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे. अंत में, हालिया मारपीट की घटनाओं का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार रखने की अपील की, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था पर जनता का भरोसा बना रहे.
