क्वाड के बीस साल

Quadrilateral Security Dialogue : जहां तक डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में क्वाड के भविष्य का सवाल है, तो भूलना नहीं चाहिए कि 2017 में ट्रंप ने ही हिंद-प्रशांत विजन पर दस्तावेज जारी किया था.


Quadrilateral Security Dialogue: अमेरिका, भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के संगठन क्वाड की 20वीं सालगिरह पर इन देशों के विदेश मंत्रियों ने साझा बयान में स्वतंत्र और शांतिपूर्ण हिंद-प्रशांत के लिए अपनी प्रतिबद्धता जिस तरह दोहरायी, वह महत्वपूर्ण है. बयान में याद किया गया कि कैसे 20 साल पहले 2004 में हिंद महासागर में आयी सुनामी के फलस्वरूप इस साझेदारी ने आकार लिया था. तब उस सुनामी में लगभग 25 लाख लोगों की जान चली गयी थी और 14 देशों में करीब 17,000 लोग विस्थापित हुए थे. तब इन चार देशों ने मिलकर 40,000 से अधिक सहायता दल सुनामी प्रभावित क्षेत्रों में भेजे थे. उसके बाद वैसे तो इस संगठन का कामकाज जारी रहा, लेकिन 2017 से इनके बीच आपसी सहयोग सुदृढ़ हुआ.

इस दौरान जलवायु परिवर्तन से समुद्री क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने, आतंकवाद का मुकाबला करने, साइबर कानूनों को मजबूती देने और रणनीतिक सहयोग तक में क्वाड ने कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूती दी है. बीते कुछ वर्षों में इस संगठन ने बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों सहित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कुछ सबसे अधिक दबाव वाली जरूरतों और चुनौतियों से निपटने के लिए पहल की है.

साझा बयान में यह भी कहा गया कि क्वाड जलवायु परिवर्तन, कैंसर और महामारी से लेकर गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, आतंकी कोशिशों का मुकाबला करने और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा साइबर सुरक्षा के क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहा है. हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के शक्ति प्रदर्शन के बीच क्वाड देशों ने मिलकर काम करने की बात कही है. सदस्य देशों के बीच सहयोग पर बात करते हुए विदेश मंत्रियों ने 10 देशों के समूह आसियान के महत्व पर चर्चा करते हुए कहा कि हम हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर उनके दृष्टिकोण को लागू करने के प्रति अपने अटूट समर्थन की पुष्टि करते हैं.

जहां तक डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति काल में क्वाड के भविष्य का सवाल है, तो भूलना नहीं चाहिए कि 2017 में ट्रंप ने ही हिंद-प्रशांत विजन पर दस्तावेज जारी किया था. उन्होंने इसका जिक्र राष्ट्रीय सुरक्षा की रणनीति में भी किया था. ऐसे में, उम्मीद यही है कि ट्रंप चार देशों के इस साझा सहयोग को और आगे ही ले जाएंगे. इस साल भारत क्वाड के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें चारों देशों के विदेश मंत्री भाग लेंगे. पिछले कुछ वर्षों से क्वाड ने कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग और सक्रियता बढ़ायी है, तथा 2021 से हर साल इसकी बैठक नियमित रूप से होने लगी है, जो इनके आपसी सहयोग को और मजबूत करने का ही प्रमाण है.

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