अपराध पर लगाम

Kolkata RG Kar Medical College : संजय रॉय को उम्रकैद मिले या मृत्युदंड, क्या यह सब ट्रेनी डॉक्टर का जीवन वापस ला सकेंगे, उसके घरवालों के घाव भर सकेंगे? इन सबसे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या इससे इस तरह के अपराधों पर कोई लगाम लगेगी, या यूं ही हर कदम पर महिलाएं डर के साये में जीवन जीने को बाध्य होंगी.

Kolkata RG Kar Medical College : बीते वर्ष अगस्त में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या ने पूरे देश में सनसनी मचा दी थी. हत्याकांड के लगभग छह महीने बाद इसके आरोपी संजय रॉय को सियालदह कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संजय रॉय के लिए मृत्युदंड की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है.

संजय रॉय को उम्रकैद मिले या मृत्युदंड, क्या यह सब ट्रेनी डॉक्टर का जीवन वापस ला सकेंगे, उसके घरवालों के घाव भर सकेंगे? इन सबसे भी महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि क्या इससे इस तरह के अपराधों पर कोई लगाम लगेगी, या यूं ही हर कदम पर महिलाएं डर के साये में जीवन जीने को बाध्य होंगी. यह अत्यंत गंभीर बात है कि जब महानगरों में, जहां की व्यवस्था अन्य जगहों से चाक-चौबंद मानी जाती है, महिलाओं के साथ निरंतर अपराध हो रहे हैं, उनके साथ नृशंसता बरती जा रही है, तो देश के बाकी हिस्सों में क्या होता होगा.

जो महिलाएं अपना भविष्य बनाने के लिए महानगरों का रुख करती हैं, उन्हें यहां की सुरक्षा व्यवस्था ही यहां खींच लाती है. उन्हें भरोसा होता है कि वे पूरी स्वतंत्रता व सुरक्षा के साथ अपना जीवन जी सकेंगी, अपने सपने पूरे कर सकेंगी. परंतु जब ऐसे हादसे सामने आते हैं तो उनकी हिम्मत बिखरने लगती है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की मानें, तो भारत में हर 15 मिनट में एक महिला अपराध का शिकार होती है.

यह हाल तब है जब 2012 में दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म के बाद कानून को बहुत सख्त कर दिया गया है. जब तक महिलाओं के प्रति समाज की सोच नहीं बदलेगी, इस तरह के अपराधों पर रोक लगनी मुश्किल है. कानून की सख्ती मामलों में कमी ला सकती है, पर जब तक सुरक्षा के पर्याप्त उपाय नहीं किये जाते, महिलाओं के साथ हिंसा होती रहेगी. सुरक्षा उपायों के तहत अधिकाधिक महिला हॉस्टलों का निर्माण, जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे, महिला पुलिस की अधिक नियुक्ति, कार्यालय में महिला सुरक्षा को लेकर कड़े मानक, थाने में महिलाओं की शिकायत पर त्वरित सुनवाई, अश्लील सामग्रियों व पोर्न फिल्मों पर प्रतिबंध आदि उपायों के जरिये अपराध दर में कमी लायी जा सकती है. इसके साथ ही, महिलाओं को भी आगे आकर अपराध दर्ज कराना होगा.

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