रेलवे का विकास

दो हजार से अधिक संख्या की इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 41 हजार करोड़ रुपये है.

भारतीय रेल हमारी अर्थव्यवस्था और आम जन-जीवन का बेहद अहम हिस्सा है. हमारा रेल नेटवर्क 68 हजार किलोमीटर से अधिक लंबा है. इसमें से 45 हजार किलोमीटर से अधिक नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है. इस लिहाज से अमेरिका, चीन और रूस के बाद दुनिया में भारत चौथे पायदान पर है. भारतीय रेल इस संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है कि इसका संचालन पूरी तरह से एक सरकार के द्वारा किया जाता है. इस नेटवर्क के विस्तार तथा बेहतरी के लिए केंद्र सरकार की कई परियोजनाएं चल रही हैं. इस क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया और कई योजनाओं की आधारशिला रखी. दो हजार से अधिक संख्या की इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 41 हजार करोड़ रुपये है. सरकार अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई रेलवे स्टेशनों का पुनर्निर्माण कर रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने 554 स्टेशनों के पुनर्निर्माण की आधारशिला रखने के साथ 1500 रेल पुलों के निर्माण का भी शुभारंभ किया है. ये स्टेशन देश के 27 राज्यों के 300 से अधिक जिलों में स्थित हैं. इससे सहज ही यह अनुमान लगाया जा सकता है कि परियोजनाएं समूचे देश में चल रही हैं और हर क्षेत्र को उनसे लाभ हासिल हो रहा है. उल्लेखनीय है कि हर क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने को सरकार ने अपनी मुख्य प्राथमिकता बनाया है. 

अर्थव्यवस्था को गति देने में इन विकास परियोजनाओं का बड़ा योगदान है. प्रधानमंत्री मोदी ने रेल परियोजनाओं के उद्घाटन के अवसर पर उचित ही रेखांकित किया है कि ऐसे विकास कार्य ‘नये भारत’ की कार्य संस्कृति के उदाहरण हैं. ये परियोजनाएं विकास को गति देने के साथ-साथ रोजगार के मौके भी मुहैया करा रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को उल्लिखित करते हुए कहा कि विकसित भारत युवा आकांक्षाओं का भारत है. विकास परियोजनाओं के साथ यह भी महत्वपूर्ण तथ्य है कि उन्हें तेज गति से पूरा करने पर ध्यान दिया जा रहा है. सरकार बड़ी परियोजनाओं की रूप-रेखा बनाने और उन्हें साकार करने से हिचक नहीं रही है. प्रधानमंत्री मोदी ने कार्य संस्कृति के संदर्भ में यह अहम बात कही है कि आज के भारत ने छोटी चीजों के सपने देखना बंद कर दिया है और हम बड़े सपने देख रहे हैं तथा उन्हें पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं. यह हम सभी ने देखा है कि स्टेशनों और रेलगाड़ियों में लिखा होता है कि रेलवे राष्ट्रीय संपत्ति है, यानी यह संपत्ति आपकी और हमारी है. सरकार का काम लोगों को बेहतर संसाधन और सुविधा उपलब्ध कराना है. हमारा दायित्व यह है कि हम उन संसाधनों और सुविधाओं का उपभोग एवं उपयोग जिम्मेदारी से करें. विकसित राष्ट्र के लिए यह बहुत आवश्यक है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >