चोरी पर सीनाजोरी की कहावत झारखंड के नेताओं पर बिलकुल सही बैठती है. सांसद फुरकान अंसारी देवघर जिले के एसपी माइंस में 100 अल्पसंख्यक लड़कों को नौकरी दिलाना चाहते थे, लेकिन इसीएल के सीएमडी आरपी रिटोलिया द्वारा मना करने पर उल्टा उनके ही खिलाफ कोयला चोरी तथा अन्य गंभीर आरोप लगा कर उनकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय में कर दी गयी.
रिटोलिया की स्वच्छ छवि और निष्पक्ष जांच ने तो उनको बेदाग साबित कर दिया लेकिन साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर झारखंड के नेताओं की कार्यप्रणाली और उनकी मंशा को भी उजागर कर दिया. ऐसे ही नेताओं के कारण आज झारखंड का विकास रु क गया है तथा अपनी क्षमता और जानकारी से नौकरी लेने के बजाय पैरवी और पहुंच के बदौलत नौकरी लेने की प्रवृत्ति यहां के युवाओं में बढ़ती जा रही है. यह परंपरा रुकनी चाहिए.
आशुतोष कुमार सिंह, हजारीबाग
