पर्चे-पोस्टर में कागज की बर्बादी ठीक नहीं

बिहार की राजधानी पटना में बिहार समेत अनेक पड़ोसी राज्यों के विद्यार्थी विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. यहां जो कोचिंग संस्थान हैं, वे अपने बारे में जानकारी देने के लिए पर्चों एवं पोस्टरों का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में कागज की बर्बादी बहुत बड़े पैमाने पर होती है. प्रदूषण […]

बिहार की राजधानी पटना में बिहार समेत अनेक पड़ोसी राज्यों के विद्यार्थी विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं. यहां जो कोचिंग संस्थान हैं, वे अपने बारे में जानकारी देने के लिए पर्चों एवं पोस्टरों का इस्तेमाल करते हैं.
ऐसे में कागज की बर्बादी बहुत बड़े पैमाने पर होती है. प्रदूषण के मामले में यह शहर दिल्ली से कम नहीं है. कागज मुख्य रूप से पेड़ से बनता है और कागज की जितनी बर्बादी होगी, उसी हिसाब से पेड़ों की कटाई होगी. हमें कम-से-कम कागज का उपयोग करना चाहिए और प्रचार के लिए अन्य तरीकों को अपनाने पर जोर देना चाहिए.
अमर कुमार यादव, धनबाद, झारखंड

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