गोड्डा गणतंत्र मेला को मिले राजकीय दर्जा

गणतंत्र दिवस के अवसर पर 1956 से अबाध आयोजित हो रहे गोड्डा के गणतंत्र मेला को राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. जिला प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों द्वारा कई बार सरकार से गुहार लगायी जा चुकी है. इसमें खेल-कूद, सांस्कृतिक समारोह एवं कृषि प्रदर्शनी आदि कार्यक्रम होते हैं. मेले के सांस्कृतिक समारोह में पुरुषोत्तम […]

गणतंत्र दिवस के अवसर पर 1956 से अबाध आयोजित हो रहे गोड्डा के गणतंत्र मेला को राजकीय मेला का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. जिला प्रशासन और जन-प्रतिनिधियों द्वारा कई बार सरकार से गुहार लगायी जा चुकी है.
इसमें खेल-कूद, सांस्कृतिक समारोह एवं कृषि प्रदर्शनी आदि कार्यक्रम होते हैं. मेले के सांस्कृतिक समारोह में पुरुषोत्तम दास जलोटा एवं उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जैसी महान विभूतियां भाग ले चुकी हैं. पिछले दस वर्षों से अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह मुशायरा का भी आयोजन हो रहा है. पड़ोसी जिले दुमका के हिजला मेला को राजकीय मेला का दर्जा प्राप्त है. राजनीतिक उदासीनता के शिकार गोड्डा मेला को आज भी सरकार की कृपा दृष्टि की प्रतीक्षा है.
– सुरजीत झा, गोड्डा, झारखंड

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