जेनयू छात्रों के आंदोलन को खत्म करने का हो प्रयास

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेनयू) के छात्र फीस बढ़ोतरी के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. इनकी मांगों पर विवि प्रशासन विचार नहीं कर रहा है छात्राें के आंदोलन की अनदेखी ठीक नहीं है़ इनकी मांगों को देखते हुए बीच का रास्ता निकालना चाहिए़ क्योंकि जेनयू की स्थापना का मकसद पिछड़ों व गरीब के बच्चों […]

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेनयू) के छात्र फीस बढ़ोतरी के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं. इनकी मांगों पर विवि प्रशासन विचार नहीं कर रहा है
छात्राें के आंदोलन की अनदेखी ठीक नहीं है़ इनकी मांगों को देखते हुए बीच का रास्ता निकालना चाहिए़ क्योंकि जेनयू की स्थापना का मकसद पिछड़ों व गरीब के बच्चों को उच्च शिक्षा मुहैया कराना है. जेएनयू में पढ़नेवाले 80 फीसदी से अधिक छात्र-छात्राएं गरीबी रेखा से नीचे से आते हैं. इनकी वार्षिक आय बहुत ही कम होती है.
जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष आइसी घोष ने कुलपति को छात्रों से वार्तालाप नहीं करने का भी मुद्दा सामने लाया है. इस पर सरकार को भी चुप्पी तोड़ना चाहिए. देश के बड़े विश्वविद्यालय में इस तरह का तकरार उचित नहीं है. इससे छात्र-छात्राओं को नुकसान हो रहा है. साथ ही इस पर राजनीति भी नहीं होनी चाहिए.
नितेश कुमार सिन्हा, जानपुल चौक (मोतिहारी)

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