समझ से परे कई चरण में चुनाव

विगत पांच साल में राज्य सरकार ने नक्सलवाद पर लगाम लगाने का भरपूर प्रयास किया. जनता को भी लगने लगा कि झारखंड में नक्सलवाद सफाया होने की ओर है. देश स्तर पर भी इसका सकारात्मक संदेश गया, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भी महत्वपूर्ण था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में […]

विगत पांच साल में राज्य सरकार ने नक्सलवाद पर लगाम लगाने का भरपूर प्रयास किया. जनता को भी लगने लगा कि झारखंड में नक्सलवाद सफाया होने की ओर है. देश स्तर पर भी इसका सकारात्मक संदेश गया, जो निवेशकों को आकर्षित करने के लिए भी महत्वपूर्ण था, लेकिन चुनाव आयोग द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पांच चरणों में चुनाव की घोषणा सरकार के दावे की पोल खोलने जैसा है. आखिर महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्य मेंं एक ही चरण में चुनाव संपन्न कराया जा सकता है, तो फिर नक्सलवाद के सफाये का दावा करने के बाद भी झारखंड में पांच चरण में चुनाव क्यों? यह समझ से परे है.
ऋषिकेश दुबे, पलामू

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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