एक बार फिर ब्रिटिश पाकिस्तानियों ने हजारों की संख्या में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर प्रदर्शन के नाम पर हमला किया है. उच्चायोग की बिल्डिंग के शीशे तोड़े, दीवारों पर पत्थरों, अंडों व अन्य सामग्रियां फेंकीं.
ऐसा ही हमला विगत 15 अगस्त को भी किया था. लंदन पुलिस की भूमिका इस बार भी बेहद शर्मनाक रही. लगता है कि पानी अब सिर से ऊपर जा रहा है. भारत सरकार को इन अराजक गतिविधियों के विरुद्ध कुछ ठोस कदम उठाने चाहिए. पिछली बार प्रधानमंत्री ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री से बात कर अपनी आपत्ति जतायी थी.
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने खेद व्यक्त करते हुए पूरी सुरक्षा का आश्वासन दिया था. इसके बाद भी ऐसा दोबारा क्यों हुआ? भारत को इस बार भी आपत्ति जताने की जरूरत है और ब्रिटिश सरकार से सकारात्मक पहल करने को कहना चाहिए.
चंदन कुमार, देवघर
