मुर्गीपालन में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

मुर्गीपालन भारत में आठ से 10 प्रतिशत वार्षिक औसत विकास दर के साथ प्राथमिक क्षेत्र का तेजी के साथ विकसित हो रहा है. इसके कारण भारत चीन और अमरीका के बाद तीसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक तथा मांस का पांचवां बड़ा उत्पादक देश हो गया है. कुक्कुट क्षेत्र का सकल राष्ट्रीय उत्पाद में करीब 33000 […]

मुर्गीपालन भारत में आठ से 10 प्रतिशत वार्षिक औसत विकास दर के साथ प्राथमिक क्षेत्र का तेजी के साथ विकसित हो रहा है. इसके कारण भारत चीन और अमरीका के बाद तीसरा सबसे बड़ा अंडा उत्पादक तथा मांस का पांचवां बड़ा उत्पादक देश हो गया है. कुक्कुट क्षेत्र का सकल राष्ट्रीय उत्पाद में करीब 33000 करोड़ रुपये का योगदान है.
352 अरब रुपये से अधिक के कारोबार के साथ यह क्षेत्र देश में 30 लाख से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराता है. कुक्कुट उत्पादों की इस बढ़ती मांग से कुक्कुट उद्योग में विभिन्न श्रेणियों के एक करोड़ से अधिक रोजगार सृजन की आशा है. देश के युवाओं के लिए मुर्गीपालन में बेहतर अवसर हैं. सरकार भी इसमें मदद कर रही है और लोन उपलब्ध करा रही है.
डॉ अखिलेश कुमार, सासाराम (रोहतास)

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