महिलाएं सर्वश्रेष्ठ और शक्ति का केंद्र हैं

वर्ष 1913-14 से शुरू हुई ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ प्रत्येक साल आठ मार्च को मनायी जाती है. इस दिन का को मनाने का उद्देश्य यही है कि महिलाओं को पूर्ण अधिकार मिले. दुनिया के अलग-अलग देशों में इसे मनाया जाता है. 1975 में इसे संयुक्त राष्ट्र की मान्यता भी मिल गयी. कई देशों में इस दिन […]

वर्ष 1913-14 से शुरू हुई ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ प्रत्येक साल आठ मार्च को मनायी जाती है. इस दिन का को मनाने का उद्देश्य यही है कि महिलाओं को पूर्ण अधिकार मिले. दुनिया के अलग-अलग देशों में इसे मनाया जाता है. 1975 में इसे संयुक्त राष्ट्र की मान्यता भी मिल गयी. कई देशों में इस दिन सिर्फ महिलाओं के लिए सरकारी छुट्टी रहती है.लोग अपने महिला सहकर्मी, मां, बहन, पत्नी इत्यादि को भेंट स्वरूप फूल देते हैं.
भारत में भी सिर्फ सनातन धर्म में ही महिलाओं की पूजा नहीं की जाती, बल्कि इस्लाम धर्म में तो मां के पैरों को जन्नत बताया गया है. वहीं, ईसाई धर्म में भी मदर मैरी पूजनीय है. बुद्ध धर्म में भी महिलाओं को खास स्थान दिया गया है. महिलाएं सर्वश्रेष्ठ हैं, ये तो स्वयं शक्ति का केंद्र हैं. इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विश्व की सभी महिलाओं का वंदन करें.
उधव कृष्ण, इ-मेल से

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