एक नये अध्याय की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गंगा नदी के रास्ते वाराणसी से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक पहुंचने वाले पहले नेशनल वॉटरवेज के उद्घाटन होने के साथ ही राष्ट्रीय जल मार्ग परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया गया है. यह बात विशेष उल्लेखनीय है कि जल मार्ग परिवहन पर आने वाला खर्च सड़क […]

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों गंगा नदी के रास्ते वाराणसी से पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक पहुंचने वाले पहले नेशनल वॉटरवेज के उद्घाटन होने के साथ ही राष्ट्रीय जल मार्ग परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख दिया गया है.
यह बात विशेष उल्लेखनीय है कि जल मार्ग परिवहन पर आने वाला खर्च सड़क मार्ग अथवा वायु मार्ग परिवहन की अपेक्षा तीन गुना तक कम आता है. ऐसे में जल मार्ग परिवहन का विकास छोटे-बड़े व्यापारियों के साथ ही पूरे राष्ट्र के हित में है. दिक्कत यह है कि कई स्थानों पर गंगा नदी में पानी की गहराई बहुत कम रह गयी है.
अतः इस रास्ते परिवहन मार्ग के विकास के लिए जरूरी स्थानों पर चैनलों के निर्माण के साथ-साथ गंगा सफाई परियोजना को भी उसके अंजाम तक पहुंचाना होगा. गंगा बची रहेगी, तभी उस पर मालवाहक जहाजों का आवागमन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा.
चंदन कुमार, देवघर.

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