BRICS Summit : मोदी से मुलाकात के बाद डिनर से कहां गायब हो गए शी जिनपिंग? सामने आई वजह

BRICS Summit : भारत मंडपम में पीएम मोदी द्वारा आयोजित ब्रिक्स डिनर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शामिल नहीं हुए. जानिए उनकी अनुपस्थिति का कारण और इस खास आयोजन में कौन-कौन से नेता और हस्तियां मौजूद रहीं.

भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार(12 सितंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स नेताओं के लिए खास गाला डिनर का आयोजन किया. नई दिल्ली के भारत मंडपम में हुए इस डिनर में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के नेता शामिल हुए, लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग नजर नहीं आए. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शी डिनर में शामिल होने के बजाय अपने होटल लौट गए.

मोदी के गाला डिनर में कौन-कौन पहुंचा?

  • प्रधानमंत्री मोदी की ओर से आयोजित इस खास डिनर में ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ भारत के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे.
  • रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अलावा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव समेत कई केंद्रीय मंत्री पहुंचे.
  • लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा भी कार्यक्रम में शामिल हुए.

अबू धाबी के क्राउन प्रिंस भी डिनर में नहीं रहे

शी जिनपिंग के अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भी डिनर में मौजूद नहीं थे. वह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के बाद शनिवार को अबू धाबी लौट गए. इसकी आधिकारिक पुष्टि अबू धाबी मीडिया कार्यालय और उनकी भारत यात्रा से जुड़ी रिपोर्टों से होती है.

गाला डिनर में परोसे गए खास भारतीय व्यंजन

  • गाला डिनर में भारतीय स्वाद को खास तवज्जो दी गई. मेन्यू में खंडवी, मशरूम गलौटी, पनीर लबाबदार, गुच्ची मार्मिक, गाजर-बीन पोरियल और बाजरा पुलाव जैसे व्यंजन शामिल थे. मिठाई में पुरानी दिल्ली की फ्रूट क्रीम के साथ जलेबी और शहतूत फिरनी परोसी गई.
  • डिनर के दौरान भारत और ब्रिक्स देशों के कलाकारों की विशेष सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई. करीब 160 कलाकारों ने ‘ब्रिक्स सिम्फनी’ के जरिए अलग-अलग संस्कृतियों को एक मंच पर पेश किया.

मोदी-शी मुलाकात के बाद डिनर से गैरमौजूदगी

  • शी जिनपिंग शनिवार को सात साल बाद भारत पहुंचे और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लिया. सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री मोदी और शी के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी हुई. दोनों नेताओं ने भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने, सीमा पर शांति और आर्थिक सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दों पर चर्चा की.
  • ऐसे में गाला डिनर में शी की गैरमौजूदगी ने जरूर ध्यान खींचा है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शी जिनपिंग आराम के लिए होटल लौटे गए थे.
  • भारत में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को आयोजित हो रहा है. इस बार सम्मेलन में 11 सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों की भी भागीदारी है.

ये भी पढ़ें: 7 साल बाद भारत में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, सीमा विवाद से व्यापार तक चर्चा, इसलिए खास है शी का दौरा

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By गौतम कुमार

गौतम कुमार वर्तमान में प्रभात खबर से जुड़े पत्रकार हैं. वे राजनीति, इतिहास, साहित्य, खेल, कानून, लोक संस्कृति और मनोरंजन जैसे विविध विषयों पर लिखते हैं. किसी विषय पर रिपोर्टिंग या लेखन के दौरान उनका जोर केवल घटनाओं की जानकारी देने पर नहीं, बल्कि उसके पीछे की पृष्ठभूमि, सामाजिक-सांस्कृतिक संदर्भ और उसके प्रभाव को समझाने पर रहता है.

अपने पत्रकारिता करियर में गौतम कुमार ने RealisticMedia और दैनिक भास्कर जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. पत्रकारिता के अलावा उन्हें डिजिटल कंटेंट लेखन, वीडियो स्क्रिप्टिंग और डिजिटल प्रोडक्शन का अनुभव भी है. स्वतंत्र लेखक और ब्लॉगर के तौर पर उन्होंने अलग-अलग विषयों और डिजिटल माध्यमों के लिए लेखन किया है.

किताबों, फिल्मों और कहानियों में उनकी विशेष रुचि है. वे मानते हैं कि अच्छी किताब या अच्छी फिल्म मिलने के बाद बाकी दुनिया कुछ देर इंतजार कर सकती है. यही रुचि उनके लेखन में भी दिखाई देती है, जहां वे खबर और घटनाओं के पीछे छिपी कहानी को समझने और पाठकों के सामने उसे सरल और संदर्भपूर्ण तरीके से रखने की कोशिश करते हैं.

गौतम कुमार मानते हैं कि किसी विषय पर राय अलग हो सकती है और नजरिया भी अलग हो सकता है, लेकिन सार्थक संवाद की शुरुआत इन्हीं अलग-अलग दृष्टिकोणों को समझने से होती है. इसलिए पाठकों की राय, सुझाव और विचार उनके लिए महत्वपूर्ण हैं. उनसे सोशल मीडिया के माध्यम से भी जुड़ा जा सकता है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >