Women Reservation Bill: प्रस्ताव के अनुसार, सीटों की कुल संख्या बढ़ाकर 850 कर दी जाएगी. इनमें से 815 सीटें राज्यों को आवंटित की जाएंगी. 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए आरक्षित होंगी.
लोकसभा में महिलाओं की बढ़ेगी ताकत
महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन के पारित होने से लोकसभा में महिलाओं की ताकत बढ़ेगी. 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी. मौजूदा कानून के तहत, महिलाओं के लिए आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ था. इसे 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने के लिए नारी शक्ति वंदन अधिनियम में बदलाव की आवश्यकता थी. 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिला आरक्षण बिल पास किया गया था. इस बिल के अनुसार, महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण दिया जाएगा.
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश करेगी मोदी सरकार
संसद की तीन दिवसीय बैठक 16 अप्रैल से शुरू हो रही है. इसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश की जाएगी. सरकार कानून में संशोधन के लिए बजट सत्र में तीन दिन की बैठक अलग से बुला रही है.
परिसीमन विधेयक 2026
अनुच्छेद 239AA, 330A, 332A और 334A में यह प्रावधान किया गया है कि, जहां तक संभव हो, लोक सभा और राज्यों की विधान सभाओं में महिलाओं के लिए सीटों का लगभग एक-तिहाई आरक्षण होगा; इसमें अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षित सीटें भी शामिल हैं. ये अनुच्छेद लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं के प्रतिनिधित्व को प्रभावी ढंग से बढ़ाने के लिए प्रावधान करते हैं, ताकि नीति-निर्माण और शासन-प्रशासन में महिलाओं की भागीदारी को और अधिक सुनिश्चित किया जा सके. इस विधेयक का उद्देश्य एक परिसीमन आयोग का गठन करना है, जो परिसीमन की प्रक्रिया को संपन्न करेगा; इस प्रक्रिया के अंतर्गत, अन्य बातों के साथ-साथ, लोक सभा और विधान सभाओं में महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करना भी शामिल है.
महिला आरक्षण 2029 में लागू हुआ तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा: मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यदि 2029 में लोकसभा और विभिन्न विधानसभाओं के चुनाव महिला आरक्षण के लागू होने के साथ कराए जाते हैं तो भारतीय लोकतंत्र और अधिक मजबूत तथा जीवंत बनेगा. देश की महिलाओं को लिखे एक पत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- जब महिलाएं नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करेंगी, तब विकसित भारत की यात्रा और अधिक सशक्त एवं तेज होगी.
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का किया उद्घाटन, 6 घंटे की दूरी अब सिर्फ 2.5 घंटे में
