कोरोना संकट: किसी का बीच रास्ते हुआ प्रसव तो किसी ने खींची बैलगाड़ी, रूला देंगी ये 4 मार्मिक घटना

महाराष्ट्र के नासिक से मध्य प्रदेश के नासिक आ रही एक गर्भवती महिला शंकुतला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया. इनके पास ना तो कोई डॉक्टर था और ना ही कोई औऱ सुविधा. था तो बस दर्द, बेससी, आग उगलता आसमान और तपती धरती.

नयी दिल्ली: कोरोना संकट और लॉकडाउन ने मुश्किलों और बेबसी के ऐसे-ऐसे दृश्य दिखाये कि लोगों का दिल दहल जाये. कभी कंधे पर भारी बोझ टांगे हजारों किलोमीटर पैदल चलते मजदूर तो कहीं घर पहुंचने की आस में रेल की पटरियों पर दम तोड़ते कामगार. इन घटनाओं ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया.

ऐसी ही एक घटना मध्य प्रदेश की है. दरसअल महाराष्ट्र के नासिक से मध्य प्रदेश के सतना आ रही एक गर्भवती महिला शंकुतला ने रास्ते में ही बच्चे को जन्म दे दिया. इनके पास ना तो कोई डॉक्टर था और ना ही कोई औऱ सुविधा. था तो बस दर्द, बेससी, आग उगलता आसमान और तपती धरती.

कोई साधन नहीं मिलने की वजह से दंपत्ति को महज दो घंटे बाद ही आगे का 150 किमी का लंबा रास्ता पैदल ही तय करना पड़ा. महाराष्ट्र एमपी के बीच बिजासन बॉर्डर पर पहुंचने के बाद ही इन्हें वाहन मुहैया करवाया जा सका. इस वाहन से दंपत्ति को उनके गांव सतना पहुंचाया.

दूसरी तस्वीर इंदौर के पास मंगलिया बाइसाप की है. यहां एक लोग अपने कंधो से बैलगाड़ी खींचते नजर आ रहे हैं. जानकारी के मुताबिक परिवार के तीन लोग मध्य प्रदेश से राजस्थान जा रहे थे. बैलगाड़ी में बैठकर. लेकिन रास्ते में ही एक बैल की मौत हो गयी. ऐसे में परिवार के तीन सदस्य बारी-बारी से बैलगाड़ी को खींच रहे हैं.

यानी बैलगाड़ी के एक तरफ बैल है तो दूसरी तरफ आदमी. हम और आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते कि तपती गर्मी में यूं सड़क पर बैलगाड़ी खींचना कितना मुश्किल होता होगा.

तीसरी तस्वीर झारखंड के श्रमिकों की है. ये लोग छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित किसी कंपनी में काम करते थे. काम बंद होने की वजह से इनके पास घर वापस लौटने के अलावा कोई चारा नहीं बचा. इसलिये इनमें से कुछ ने बचत के पैसों से तो कुछ ने कर्ज लेकर साइकिल खरीदी और सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय कर झारखंड पहुंचे. यहां पहुंचने के बाद प्रशासन ने इन्हें क्वारंटीन किया. इनकी जांच भी की गयी.

चौथी मार्मिक घटना राजधानी दिल्ली की है. यहां बुराड़ी इलाके में रहने वाले एक दंपत्ति की एक दिन के अंतराल पर कोरोना संक्रमण की वजह से मौत हो गयी. पति निजी क्लीनिक चलाते थे जबकि पत्नी निगम के स्कूल में शिक्षिका था. इन दिनों वो राशन वितरण के काम में लगी हुई थी. इसी दौरान उनको संक्रमण हुआ. महिला से संक्रमण उसके पति तक पहुंचा. पहले 3 मई को पति की मौत हो गयी वहीं 4 मई को पत्नी ने भी दम तोड़ दिया.

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Published by: Surajkumar thakur

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