Indigo: कोई अंतिम संस्कार के लिए नहीं जा सका, तो किसी का छूटा रिसेप्शन, इंडिगो क्राइसिस से यात्री परेशान

Indigo Airline: इंडिगो एयरलाइन की कई फ्लाइटें शुक्रवार को रद्द कर दी गईं, जिसके कारण एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ लग गई. अचानक फ्लाइटें रद्द होने से यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा, जिसके बाद से यात्रियों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं.

Indigo Airline: आज यानी 5 दिसंबर 2025 को इंडिगो एयरलाइन की 700 से भी ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. कई घंटों तक एयरपोर्ट पर इंतज़ार कर रहे यात्रियों ने इस घटना पर नाराजगी जताई.

उड़ान रद्द होने से परेशान यात्री

उड़ान रद्द होने से एक महिला यात्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मैं सुबह शिलॉन्ग से यहाँ आई हूँ. मेरे पति का निधन हो गया है, और मैं उनका शव लेकर कोलकाता जा रही हूँ ताकि उनका अंतिम संस्कार किया जा सके. हमने इंडिगो की फ्लाइट बुक की है, लेकिन अभी तक यह जानकारी नहीं मिली है कि फ्लाइट उड़ान भरेगी या नहीं. मुझे चिंता हो रही है कि कहीं फ्लाइट रद्द न हो जाए या फिर समय पर उड़ान भर पाएगी या नहीं.”

नवविवाहित जोड़ा अपने ही रिसेप्शन में ऑनलाइन शामिल होने को मजबूर

भुवनेश्वर से हुबली जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट रद्द होने के कारण एक नवविवाहित जोड़ा अपनी रिसेप्शन पार्टी में नहीं पहुंच सका. जिसके बाद नवविवाहित जोड़े ने ऑनलाइन ही रिसेप्शन पार्टी में शामिल होने का फैसला किया.

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने इंडिगो की उड़ानों में हो रही देरी पर क्या कहा?

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अब हवाई सेक्टर लगभग पूरी तरह निजी हो चुका है. सरकार सिर्फ नियम बनाती है. लेकिन नियम बनाते समय सरकार यह नहीं समझ पाती कि उसका क्या असर पड़ेगा, और ऐसे फैसले ले लेती है जिससे पूरे देश में गड़बड़ी हो जाती है.

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लेखक के बारे में

Author: Neha Kumari

नेहा कुमारी प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं. उन्हें लेखन के क्षेत्र में एक वर्ष से अधिक का अनुभव है. पिछले छह महीनों से वे राशिफल और धर्म से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं. उनका मुख्य कार्य व्रत-त्योहारों, पौराणिक कथाओं और भारतीय रीति-रिवाजों से जुड़ी जानकारी को सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. नेहा का हमेशा यह प्रयास रहता है कि वे कठिन से कठिन विषय को भी इतना आसान और रोचक बना दें कि हर कोई उसे सहजता से पढ़ और समझ सके. उनका मानना है कि यदि धर्म और संस्कृति से जुड़ी जानकारी सरल शब्दों में मिले, तो लोग अपनी परंपराओं से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं. डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत उन्होंने प्रभात खबर में ही ‘नेशनल’ और ‘वर्ल्ड’ डेस्क पर छह महीने की इंटर्नशिप के साथ की थी. इस दौरान उन्होंने रियल-टाइम खबरों पर काम करना, तेजी और सटीकता के साथ कंटेंट लिखना, ट्रेंडिंग विषयों की पहचान करना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा. इस अनुभव ने उनकी न्यूज़ सेंस, लेखन क्षमता और खबरों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने की समझ को और अधिक मजबूत बनाया.

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