DU: स्पेस लैब मिरर लैब बनाने के लिए रूस और भारत मिलकर करेंगे काम

दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की एचएसई यूनिवर्सिटी के बीच स्पेस मिरर लैब स्थापित करने पर सहमति बनी है. स्पेस मिरर लैब स्थापित करने को लेकर शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की नेशनल रिसर्च यूनिवर्सिटी हायर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एचएसई यूनिवर्सिटी) के बीच 'स्टेटमेंट ऑफ कोऑपरेशन पर समझौता हुआ.

DU: भारत और रूस के बीच आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और शिक्षा के क्षेत्र में संबंध काफी पुराने हैं. साइंस और तकनीक के क्षेत्र में रूस हमेशा से भारत की मदद करता है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे के दौरान कई अहम क्षेत्र में समझौता हुआ है. इस कड़ी में दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की एचएसई यूनिवर्सिटी के बीच स्पेस मिरर लैब स्थापित करने पर सहमति बनी है. 


स्पेस मिरर लैब स्थापित करने को लेकर शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय और रूस की नेशनल रिसर्च यूनिवर्सिटी हायर स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एचएसई यूनिवर्सिटी) के बीच ‘स्टेटमेंट ऑफ कोऑपरेशन पर समझौता हुआ. इस दौरान दिल्ली विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कहा कि यह बहुत ही खुशी का विषय है कि दो मित्र देशों के दो बड़े संस्थान संयुक्त रूप से अनुसंधान को आगे बढ़ाने का काम करेंगे. प्रस्तावित सहयोग एचएसई यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर दिल्ली विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में एक स्पेस मिरर लैब बनाने में सहयोग देगा.


 यह लैब एकेडमिक रिसर्च के मकसद से स्पेस स्पेक्ट्रम में डेटा स्टोरेज, प्रोसेसिंग और ट्रांसमिशन को बढ़ाने का काम करेगा. दिल्ली विश्वविद्यालय और एचएसई यूनिवर्सिटी के बीच साइंटिफिक मिरर लैबोरेटरी बनाना बहुत ही दूरदर्शी और महत्वाकांक्षी योजना है.


रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

इस समझौते का मकसद दोनों यूनिवर्सिटी मिरर लैब के जरिये संयुक्त तौर पर रिसर्च और एजुकेशनल प्रोजेक्ट पर काम करना है. समझौते के तहत दोनों देशों के बीच कई अन्य शैक्षणिक परियोजना भी शुरू होगी. इस समझौते से सिर्फ छात्रों को ही नहीं दोनों देश के संस्थान के शिक्षकों को रिसर्च के क्षेत्र में नये आयाम पर काम करने का मौका मिलेगा. इस मौके पर एचएसई यूनिवर्सिटी के रेक्टर डॉक्टर निकिता अनिसिमोवा ने कहा कि शैक्षणिक सहयोग से स्पेस और अन्य क्षेत्रों में रिसर्च और अन्य क्षेत्रों में काम करने का मौका मिलेगा. दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ने से छात्रों को काफी फायदा होगा और उभरती तकनीक के क्षेत्र में काम करने के नये अवसर पैदा होंगे. 


दिल्ली यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉक्टर विकास गुप्ता ने कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह की मौजूदगी में स्टेटमेंट ऑफ कोऑपरेशन पर हस्ताक्षर किया. इस दौरान रूस की ओर से एचएसई यूनिवर्सिटी के वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर मनोज शर्मा एवं उनके साथ अनास्तासिया सर्गेवा उपस्थित रही, जबकि डीयू की ओर से डीन ऑफ कॉलेज प्रोफेसर  बलराम पाणी, एसओएल की डायरेक्टर प्रोफेसर पायल मागो, चेयरमैन इंटरनेशनल रिलेशन प्रोफेसर नीरा अग्निमित्रा, डीन इंटरनेशनल रिलेशन प्रोफेसर अनिल राय और अन्य शिक्षक मौजूद रहे. 

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लेखक के बारे में

Author: Vinay Tiwari

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